हिमाचल प्रदेश में 9 विधायकों की भाजपा में एंट्री के बाद इनके विधानसभा हलकों में BJP नेताओं के सुर बगावती होने लगे हैं। कुछ ने इस्तीफा तो कुछ ने हर हाल में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। नौ विधायकों की एंट्री से BJP का कुनबा जरूर बढ़ा है। मगर पार्टी के दिग्गज नेताओं के साथ बड़ा खेला होने वाला है। खासकर लाहौल स्पीति में दो बार के मंत्री रहे डॉ. रामलाल मारकंडा और कुटलैहड़ में एक बार के मंत्री रहे वीरेंद्र कंवर का पॉलिटिकल करियर दांव पर लग गया है। इसी तरह सात अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी कई नेताओं को अब भविष्य की चिंता सताने लगी है। इस आशंका के बीच डॉ. मारकंडा, वीरेंद्र कंवर और धर्मशाला में 2022 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राकेश चौधरी ने जन संपर्क अभियान शुरू कर दिया है। मारकंडा बोले- हर हाल में चुनाव लड़ेंगे
डॉ मारकंडा ने तो हर हाल में उपचुनाव लड़ने का ऐलान भी कर डाला है। उन्होंने बताया कि यदि उन्हें पार्टी टिकट नहीं भी देती तो भी वह चुनाव लड़ेंगे। जाहिर है कि लाहौल स्पीति में BJP में शामिल रवि ठाकुर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। इसी तरह कुटलैहड़ में देवेंद्र भुट्टो के सामने पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर चुनौती पेश कर सकते हैं। वीरेंद्र कंवर ने बताया कि वह भी चुनाव लड़ेंगे। मगर उन्हें उम्मीद है कि पार्टी पुराने कार्यकर्ताओं को मेरिट के आधार पर कंसीडर करेगी। उन्होंने बताया कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है। इसलिए यहां बहुत सारे लोग आ रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं कि टिकट पक्का हो गया। यही हाल अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी है। धवाला ने होशियार को बताया व्यापारी
देहरा से रमेश धवाला पार्टी में शामिल इंडिपेंडेंट MLA होशियार सिंह को व्यापारी बताकर अपने इरादे जाहिर कर चुके हैं। देहरा में रमेश धवाला के साथ साथ पूर्व मंत्री एवं पांच बार के विधायक रविंद्र रवि के लिए भी होशियार की एंट्री पचा पाना मुश्किल लग रहा है। गगरेट से पूर्व विधायक दे चुके इस्तीफा
उधर, गगरेट में कांग्रेस के बागी चैतन्य शर्मा की भाजपा में एंट्री होते ही पूर्व विधायक राकेश कालिया पार्टी को अलविदा कह चुके हैं। उन्होंने BJP के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल को अपना इस्तीफा देते वक्त चैतन्य शर्मा पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए। इसी तरह पूर्व MLA बलवीर चौधरी का भी टिकट कटना अब तय माना जा रहा है। धर्मशाला में इन 3 चेहरों को झटका
धर्मशाला में सुधीर शर्मा के भगवा थामने से भाजपा के 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी रहे राकेश चौधरी के साथ साथ पूर्व विधायक विशाल नैहरिया और सिटिंग MP किशन कपूर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। यहां पर खासकर राकेश चौधरी और किशन कपूर के सुर बागी हो सकते हैं। इसी तरह सुजानपुर, नालागढ़, बड़सर और हमीरपुर में अंदरखाते भाजपा नेता पैराशूट एंट्री का विरोध करने लगे हैं। सुजानपुर में राजेंद्र राणा की BJP में एंट्री से 2022 के चुनाव में BJP प्रत्याशी रणजीत सिंह सहित कई अन्य सेकेंड लाइन नेताओं का पत्ता कटना तय माना जा रहा है। वहीं, नालागढ़ में पूर्व विधायक लखविंदर राणा, हमीरपुर में नरेंद्र ठाकुर, बड़सर में बलदेव और माया शर्मा का टिकट कटना तय है। इन विधायकों की पार्टी में एंट्री से बढ़ी हलचल
तीन रोज पहले ही सुजानपुर में राजेंद्र राणा, धर्मशाला में सुधीर शर्मा, लाहौल स्पीति में रवि ठाकुर, बड़सर में इंद्र दत्त लखनपाल, गगरेट में चैतन्य शर्मा, बड़सर में देवेंद्र कुमार भुट्टो, हमीरपुर में आशीष शर्मा, देहरा में होशियार सिंह और नालागढ़ में केएल ठाकुर की भाजपा पार्टी में एंट्री हुई है। इनकी एंट्री के बाद पूर्व MLA के चुनाव हलकों में सियासी हलचल बढ़ गई है। वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी
इन नेताओं के साथ साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी भी पार्टी के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। दो दिन पहले शांता कुमार ने पार्टी के सिद्धांतों पर गंभीर सवाल उठाए थे और कहा था कि हमारी पार्टी भी सिद्धांतों को भूलकर कुर्सी की राजनीति करने लगी है। इसका उन्हें दुख है। अब कंगना रनोट को टिकट मिलने पर वरिष्ठ नेता महेश्वर सिंह ने भी तंज कसा है कि पार्टी में बहुत बड़े विद्वान, बुद्धिजीवी व अनुभवी लोग बैठे हैं, उन्होंने ही टिकट फाइनल किया है। उन्होंने कहा कि समय बदल गया, पहले पार्टी का परिवार छोटा था तो छोटी बातें होती थीं। अब पार्टी का परिवार बड़ा हो गया, नेता बहुत हो गए। उन्होंने कंगना के सपोर्ट के सवाल पर कहा है कि पार्टी बोलेगी तब करेंगे। हो सकता है हमारे जैसे के सपोर्ट की पार्टी को जरूरत ही न पड़े।