लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने पहली बार ग्लैमर का तड़का लगाया है। BJP ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट को मंडी सीट से लोकसभा टिकट दी है। प्रदेश में पहली बार कोई सेलिब्रिटी चुनाव लड़ेगा। हालांकि इससे पहले 2009 में कांग्रेस ने पूर्व क्रिकेटर मदन शर्मा को हमीरपुर से उम्मीदवार बनाया था। मगर, जनता के विरोध के बाद टिकट बदलना पड़ा था। मंडी सीट पर कांग्रेस से कंगना का मुकाबला कौन करेगा, यह फिलहाल तय नहीं है। यहां से अभी प्रतिभा सिंह कांग्रेस सांसद है। मगर, वह हिमाचल सीएम सुखविंदर सुक्खू से नाराजगी जताते हुए यहां से चुनाव लड़ने से इनकार कर चुकी हैं। 2009 से 2024 के बीच हुए 2 उपचुनाव में प्रतिभा सिंह ही यहां से जीती थीं। सेलिब्रिटी के साथ लोकल भी कंगना
मिशन 370 (लोकसभा चुनाव में 370 सीटों पर जीत) पर निकली भाजपा हर सीट पर जीत की माइक्रो वर्किंग कर रही है। यही वजह है कि मंडी सीट पर कंगना रनोट के सेलिब्रिटी टैग के साथ लोकल कनेक्शन का भी फायदा उठाया जाएगा। दरअसल, कंगना रनोट मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गांव भांबला की रहने वाली हैं। उन्होंने कुल्लू के मनाली जिले में घर भी बना रखा है। मंडी लोकसभा सीट में मंडी जिले की 10 में से 9 विधानसभा सीटें और कुल्लू जिले के सभी 4 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। यही वजह है कि दोनों जगह कंगना के कनेक्शन को देखते हुए भाजपा ने उन पर दांव खेला है। पद्मश्री से सम्मानित बेबाक बोल वाली कंगना
कंगना रनोट कला में विशेष योगदान के लिए पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित है। 8 नवंबर 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें यह अवॉर्ड दिया था। कंगना बॉलीवुड स्टार्स से लेकर नेताओं और भाजपा सरकार विरोधी आंदोलनों को लेकर बेबाक बोल के लिए चर्चित रही हैं। वह पीएम नरेंद्र मोदी और सनातन धर्म की कट्टर समर्थक हैं। अयोध्या में राम मंदिर के लिए भी वह खूब वकालत करती रहीं। कंगना ने किसान आंदोलन को लेकर भी खूब बयान दिए। जिसमें 100-100 रुपए लेकर धरने में आने के बयान पर उनके खिलाफ पंजाब की कोर्ट में मानहानि का केस तक हुआ। एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद कंगना रनोट ने बॉलीवुड दिग्गजों पर खूब बयान दिए। कंगना के नेपोटिज्म के बयान के बाद करन जौहर, सलमान खान, आलिया भट्ट जैसे सितारे भी सवालों के घेरे में आ गए थे। तब कंगना ने करण जौहर पर निशाना साधते हुए कहा था कि- करण केवल स्टार प्रमोट करते हैं। छोटे शहरों से आने वाले और बिना गॉडफादर के मुकाम बनाने वाले स्टार्स को वे बॉलीवुड में टिकने नहीं देते। शिवसेना की सरकार द्वारा मुंबई में कंगना का दफ्तर तोड़ने के बाद भी वह खूब चर्चा में आईं। कंगना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिंदू धर्म की कट्टर समर्थक रही हैं। राजनीति में कदम रखने से पहले उन्होंने कई बार कांग्रेस पर तीखे हमले किए। राम मंदिर के निर्माण की भी कंगना वकालत करती रही हैं। मॉडलिंग में रुचि, माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे
मंडी में राजपूत परिवार में जन्मी कंगना रनोट को शुरू से ही मॉडलिंग में रुचि थी़। इस वजह से वह अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाई। कंगना ने 12वीं तक की पढ़ाई डीएवी चंडीगढ़ से की। कंगना को उनके माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन कंगना इसके लिए तैयार नहीं थी। इसी वजह से कंगना 16 साल की उम्र में मुंबई चली गईं। मुंबई जाने से पहले कंगना ने दिल्ली और चंडीगढ़ में मॉडलिंग की भी ट्रेनिंग ली। पहली ही फिल्म छोड़ दी थी
17 साल की उम्र में 2004 में कंगना पहलाज निहलानी के निर्देशन में बन रही ‘I Love You’ नाम की फिल्म से डेब्यू करने वाली थी। मगर किसी वजह से कंगना ने बीच में ही फिल्म छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने महेश भट्ट की गैंगस्टर से डेब्यू किया। इस फिल्म ने कंगना को बॉलीवुड इंडस्ट्री में पहचान दिलाई। इसके बाद कंगना ने ‘वो लम्हे’, ‘लाइफ इन अ मेट्रो’, ‘वंस अपोन अ टाइम इन मुंबई’, ‘राज’, ‘तनू वेड्स मनु’, ‘क्रिश’, ‘क्वीन’, और ‘मणिकर्णिका’ जैसी कई फिल्मों में काम किया है। कंगना रनोट वर्क फ्रंट, इंदिरा गांधी पर बनाई फिल्म इमरजेंसी को लेकर चर्चा में
कंगना रनोट की आखिरी रिलीज फिल्म तेजस थी। तेजस खास धमाल नहीं दिखा पाई। अब कंगना की अपकमिंग फिल्म ‘इमरजेंसी’ को लेकर काफी चर्चा हैं। खास बात यह है कि ‘इमरजेंसी’ फिल्म को कंगना रनोट ने ही डायरेक्ट किया है। पॉलिटिकल ड्रामा ‘इमरजेंसी’ में कंगना ने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रोल निभाया है।