हिमाचल कांग्रेस के बड़सर से बागी MLA इंद्र दत्त लखनपाल पर नगर निगम (MC) शिमला कार्रवाई की तैयारी में है। MC ने शिमला में अवैध भवन भवन निर्माण को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया था। मगर लखनपाल आज कमिश्नर कोर्ट में खुद हाजिर नहीं हुए, जबकि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने का नोटिस दिया गया था। कुछ देर में कमिश्नर कोर्ट आईडी लखनपाल के अवैध निर्माण के केस में अपना फैसला सुना सकता है। बता दें कि लखनपाल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) एक्ट 1994 की धारा 253 के तहत नोटिस दिया गया था। उन्होंने शिमला के साथ लगते तारादेवी में मकान बना रखा है। आरोप है कि उन्होंने मकान का निर्माण TCP को ठेंगा दिखाते हुए किया है। लिहाजा काफी समय से यह केस MC कमिश्नर की कोर्ट में लगा हुआ है। राजेंद्र राणा से पहले सरकार कई अन्य बागी और निर्दलीय विधायकों पर कार्रवाई कर चुकी है। नालागढ़ के निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर के क्रशर बंद किए जा चुके हैं। लाहौल स्पीति से बागी विधायक रवि ठाकुर की पुश्तैनी जमीन को जाने वाली सड़क बंद कर दी गई है। चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा पर सरकार गिराने के षड़यंत्र का शिमला में केस दर्ज हो चुका है। यही आरोप हमीरपुर से इंडिपेंडेंट विधायक आशीष शर्मा पर भी लगे है। बड़सर, सुजानपुर, धर्मशाला विधायकों से समर्थकों वाली ब्लाक कांग्रेस कार्यकारिणी भंग की जा चुकी है। अब लखनपाल पर भी कार्रवाई देखने को मिल सकती है। लखनपाल ने फेसबुक पेज पर उठाए सवाल एमसी के इस नोटिस पर इंद्र दत्त लखनपाल ने अपने फेसबुक पेज पर सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा कि ‘आज हुजूर की ओर से फरमान आया है। 253 का नोटिस दिया है। बताओ कि तुम्हारा घर क्यों न तोड़ दिया जाए ? मेरा घर तो लोगों के दिलों में है। पर खैर दिल भी तोड़ ही दिए आपने। मैं बहुत समय चुप रहा। बहुत चीजें ऐसी बोल सकता हूं, जो शायद मुख्यमंत्री को भीतर तक चुभ जाएं। पार्टी में रहा हूं, बहुत कुछ जानता हूं। मगर कृतज्ञ नहीं हूं।

Spread the love

By