हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के 6 बागी और 3 निर्दलीय विधायक आज दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं। इसके लिए अब हिमाचल विधानसभा स्पीकर द्वारा निर्दलीय विधायकों का इस्तीफा स्वीकार करने का इंतजार है। इनका इस्तीफा स्वीकार होते ही सभी 9 विधायक एक साथ भगवा चोला ओढ़ेंगे। BJP में जाने से पहले तीनों निर्दलीय विधायक पिछले कल ही अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। तीनों शुक्रवार दोपहर बाद अचानक चार्टर्ड प्लेन से शिमला पहुंचे और विधानसभा स्पीकर और सचिव को इस्तीफा दिया। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भी मुलाकात की। शाम के वक्त नेता प्रतिपक्ष सहित वापस दिल्ली लौट गए। नड्डा लेंगे मीटिंग सूचना के अनुसार, जॉइनिंग से पहले BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा पार्टी मुख्यालय में इनकी मीटिंग लेंगे। इसमें इन्हें भगवा चोला पहनाकर पार्टी में जॉइन कराई जाएगी। हिमाचल के बागी और इंडिपेडेंट MLA ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग किया था। BJP ने दिया टिकट देने का भरोसा BJP ने कांग्रेस के बागी और निर्दलीय विधायकों को उप चुनाव में टिकट देने का भरोसा दिया है। इस शर्त के साथ इन्होंने BJP जॉइन की है। बताया जा रहा है कि बागी विधायक अब सुप्रीम कोर्ट में अपनी सदस्यता बचाने को दी गई याचिका भी वापस ले लेंगे। जल्द प्रदेश लौटेंगे 9 विधायक BJP जॉइन करने के बाद ये लोग जल्द हिमाचल प्रदेश लौटेंगे। कांग्रेस के सभी बागी बीते 28 फरवरी से ही प्रदेश से बाहर है और CRPF के सुरक्षा घेरे में है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीते सप्ताह ही इनके परिवार की सुरक्षा के लिए भी घरों के बाहर CRPF के 10-10 जवान तैनात किए है। ये विधायक थामने जा रहे भाजपा का दामन सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, धर्मशाला से सुधीर शर्मा, लाहौल स्पीति से सुधीर शर्मा, बड़सर से इंद्रदत्त लखनपाल, कुटलैहड़ से देवेंद्र कुमार भुट्टों और गगरेट से चैतन्य शर्मा के अलावा नालागढ़ से निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर, देहरा से होशियार सिंह और हमीरपुर से आशीष शर्मा भी भगवा चोला ओढ़ेंगे। यहां पढ़े क्या है पूरा मामला.. 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव से शुरू हुआ विवाद दरअसल, प्रदेश में बीते 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव हुआ। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के मशहूर अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा ने हर्ष महाजन को प्रत्याशी बनाया। कांग्रेस के पास 40 अपने विधायक थे और तीन निर्दलीय भी राज्यसभा चुनाव से पहले तक कांग्रेस सरकार के साथ एसोसिएट के तौर पर काम कर रहे थे। CM सुक्खू ने चुनाव से पहले 43 विधायकों का दावा किया था। वहीं 25 MLA वाली BJP ने लगभग डेढ़ साल पहले ही कांग्रेस से भाजपा में आए हर्ष महाजन को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया और छह कांग्रेस व तीन इंडिपेंडेंट MLA के समर्थन से 34 वोट ले लिए। इससे मुकाबला बराबरी पर छूटा। आखिर में लॉटरी सिस्टम से भाजपा के हर्ष महाजन चुनाव जीत गए। स्पीकर ने इसलिए ठहराया अयोग्य हिमाचल विधानसभा के स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने इन छह विधायकों को बीते 28 फरवरी को ही अयोग्य घोषित किया। इन्होंने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोट किया था। साथ ही इन पर पार्टी व्हिप के उल्लंघन का भी आरोप है। कांग्रेस के छह विधायकों पर आरोप है कि ये लोग कट मोशन, फाइनेंशियल बिल और बजट पास करते वक्त सदन से गैर हाजिर रहे, जबकि कांग्रेस ने इन्हें सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर रखा था। व्हिप की अवहेलना करने पर संसदीय कार्य मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने स्पीकर से इनकी शिकायत की थी। इनकी शिकायत पर ही स्पीकर ने इन्हें अयोग्य घोषित ठहराया। सभी अयोग्य घोषित विधायक 28 फरवरी से ही प्रदेश से बाहर है। एक-दो दिन के भीतर इनके वापस प्रदेश लौटने की सूचना है।