त्रिपुरा में इस बार लोकसभा चुनावों में दोनों ही सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है क्योंकि सूबे के 72 साल के चुनावी इतिहास में लेफ्ट और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।
त्रिपुरा में इस बार लोकसभा चुनावों में दोनों ही सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है क्योंकि सूबे के 72 साल के चुनावी इतिहास में लेफ्ट और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।