भारतीय राजनीति में आज के समय चुनाव लड़ना बहुत महंगा हो गया है। चुनाव आयोग की ओर से तय लिमिट के मुताबिक लोकसभा चुनाव में एक कैंडिडेट अधिकतम 95 लाख रुपए ही खर्च कर सकता है। विधानसभा चुनाव में यह लिमिट 40 लाख रुपए की होती है। हरियाणा, पंजाब और हिमाचल में लोकसभा की 27 सीटें हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो इन तीनों राज्यों में से औसतन सबसे सस्ता चुनाव हरियाणा के नेताओं ने लड़ा वहीं सबसे ज्यादा पैसा हिमाचल में बहाया गया। 2019 में हरियाणा की सभी 10 सीटें BJP ने जीती थी और उसके हर सांसद ने चुनाव में औसत 56 लाख 17 हजार 37 रुपए खर्च किए। पंजाब की 13 सीटों पर विजयी रहे नेताओं ने औसतन 57 लाख 22 हजार 772 रुपए खर्च किए। इसके मुकाबले हिमाचल की चारों सीटों पर हर सांसद ने औसतन 61 लाख 22 हजार 880 रुपए खर्च कर डाले। केंद्रशासित प्रदेश, चंडीगढ़ से 2019 में लगातार दूसरी बार BJP की सांसद चुनी गई बॉलीवुड एक्ट्रेस किरण खेर ने अपने इलेक्शन में इन तीनों राज्यों के औसत खर्च के मुकाबले आधी से भी कम रकम लगाई। किरण खेर ने महज 27 लाख 35 हजार रुपए खर्च करके जीत हासिल कर ली। पार्टियों की ओर से खर्च रकम की बात करें तो हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ की 28 सीटों पर भाजपा ने सबसे ज्यादा सवा 9 करोड़ रुपए से खर्च किए वहीं कांग्रेस ने सिर्फ 2 करोड़ 85 लाख रुपए के आसपास चुनाव कैंपेन में लगाए। इलेक्शन खर्च में फरीदाबाद के गुर्जर टॉप पर
हरियाणा-पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ की बात करें तो यहां 2019 में सबसे महंगा चुनाव हरियाणा की फरीदाबाद सीट से BJP के सांसद चुने गए कृष्णपाल गुर्जर ने लड़ा। इलेक्शन कमीशन के पास सब्मिट की गई डिटेल्स के मुताबिक गुर्जर ने अपने इलेक्शन पर 68 लाख 93 हजार 859 रुपए खर्च किए। उस समय इलेक्शन खर्च की लिमिट 70 लाख रुपए थी और गुर्जर ने इस लिमिट का 98.49% पैसा खर्च किया। सबसे सस्ता चुनाव चंडीगढ़ में किरण खेर का
अगर उत्तर भारत के तीनों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ की बात करें तो यहां 2019 के चुनाव में सबसे कम खर्चा चंडीगढ़ सीट पर BJP की किरण खेर ने किया। लगातार दूसरी बार इस सीट से सांसद चुनी गई किरण खेर ने अपने इलेक्शन में सिर्फ 27 लाख 34 हजार 204 रुपए खर्च किए जो फिक्स लिमिट का महज 39% रहा। 27 सांसदों में सनी देओल का खर्च सबसे कम
हरियाणा, पंजाब और हिमाचल की 27 लोकसभा सीटों पर चुनाव जीतने वाले सांसदों की ओर से सब्मिट की गई इलेक्शन खर्च से जुड़ी डिटेल को देखें तो इन तीनों राज्यों में सबसे कम खर्च बॉलीवुड एक्टर सनी देओल ने किया। पंजाब की गुरदासपुर सीट से BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले सनी ने अपने चुनाव में महज 36 लाख 13 हजार 221 रुपए लगाए। यह इलेक्शन कमीशन की ओर से तय की गई लिमिट का 51.62% रहा। हिमाचल के सांसदों का चुनाव सबसे महंगा
2019 में हर उम्मीदवार के लिए चुनाव खर्च की सीमा 70 लाख रुपए थी। हिमाचल की चारों सीटें भाजपा ने जीती थी और यहां उसके सांसदों ने खर्च लिमिट का 88% तक खर्चा किया। पंजाब के 13 सांसदों ने इस लिमिट का 82%, हरियाणा के 10 सांसदों ने 80% और चंडीगढ़ की सांसद ने 39% खर्चा किया। पार्टियों का भी हिमाचल में सबसे ज्यादा खर्चा
चुनाव जीतने वाले सांसदों के व्यक्तिगत खर्च के अलावा इलेक्शन में नेशनल पॉलिटिकल पार्टियां का अलग से खर्चा भी होता है। इनमें स्टार प्रचारकों की रैलियां वगैरह शामिल रहती हैं। राजनीतिक दलों के स्टेटवाइज खर्च की बात करें तो यहां हिमाचल प्रदेश की चारों सीटों पर सभी दलों ने मिलकर सबसे ज्यादा 6 करोड़ 22 लाख 94 हजार 134 रुपए खर्च किए। हरियाणा की 10 सीटों पर सभी राजनीतिक दलों के खाते से कुल 4 करोड़ 15 लाख 19 हजार 633 रुपए खर्च हुए। पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर सभी राजनीतिक दलों का कुल खर्चा 1 करोड़ 55 लाख 21 हजार 433 रुपए रहा। चंडीगढ़ की एकमात्र सीट पर सारी पॉलिटिकल पार्टियों ने कुल मिलाकर 40 लाख 24 हजार 815 रुपए खर्च किए

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