हिमाचल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने एक बार फिर सियासी हलचल बढ़ा दी है। दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग से शिमला लौटने के बाद बुधवार को प्रतिभा सिंह ने कहा है कि वह मंडी सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने स्क्रीनिंग कमेटी में अपना नाम हटाने को बोल दिया है। प्रतिभा सिंह ने चुनाव न लड़ने के पीछे की वजह मौजूदा स्थिति अच्छी न होना बताया है। उनका कहना है कि सिर्फ MP फंड बांटने से चुनाव नहीं जीता जाता। हमारा वर्कर निराश बैठा है। उन्हें जो समय पर सरकार में महत्व मिलना चाहिए था, वह नहीं मिल पाया। इसलिए, आज उन्हें कोई वर्कर ऐसा नजर नहीं आ रहा, जो पार्टी का काम करेगा। पार्टी वर्कर ही जिताते हैं चुनाव
प्रतिभा ने कहा कि यही कार्यकर्ता चुनाव जिताने में अहम रोल निभाते हैं। इसलिए, वह बार-बार वर्कर्स को महत्व देने की बात करती रही हैं। वह लगातार फील्ड में रही हैं। उसके मुताबिक उन्हें नहीं लग रहा कि वह ज्यादा सफलता हासिल कर पाएंगी। इसलिए, हाईकमान जिसे ठीक समझे, उसे फील्ड में उतारें। मंडी तक सीमित नहीं रहता चाहती, इसलिए नहीं लड़ूंगी
प्रतिभा सिंह ने यह भी कहा कि हमारे लिए लोकसभा के साथ-साथ उप-चुनाव भी जरूरी है। वह मंडी तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। इसलिए, वह चुनाव न लड़कर पूरे प्रदेश में जाएंगी। पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसे निभाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार को बचाने और बहुमत साबित करने के लिए उप-चुनाव जीतना होगा। छोटी-मोटी नाराजगी दूर करनी होगी
प्रतिभा सिंह का कहना है कि हम मेहनत कर रहे हैं। फील्ड में हम लोग हैं। सभी कार्यकर्ताओं को भी आभास हो चुका है कि हमें चुनाव का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी कोशिश करेंगे कि छोटी-मोटी नाराजगी दूर करें। पहले भी कई बार सरकार और CM पर हमला बोल चुकीं प्रतिभा
यह पहला मौका नहीं जब प्रतिभा सिंह ने सरकार पर निशाना साधा है। इससे पहले भी वह कई बार मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर निशाना साधती रही हैं। प्रतिभा सिंह ने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के 3-4 महीने बाद ही सरकार में एक गुट विशेष के लोगों की ताजपोशी करने की शिकायत करनी शुरू कर दी थी। बीते साल 12 दिसंबर को सरकार के एक साल पूरा करने का जश्न कार्यक्रम आयोजित किया गया। उस दौरान CM सुक्खू ने पार्टी की प्रदेशाध्यक्ष को इस कार्यक्रम की जानकारी तक नहीं दी। उस दौरान भी प्रतिभा सिंह ने मीडिया में खुलकर सरकार के खिलाफ बयानबाजी की। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद भी प्रतिभा सिंह ने खुलकर मुख्यमंत्री के खिलाफ बयानबाजी की। यही नहीं, उन्होंने बागी विधायकों के अयोग्य ठहराने के निर्णय को भी गलत बताया था। मंत्री विक्रमादित्य ने दिया था इस्तीफा
प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने भी मुख्यमंत्री से नाराजगी जताते हुए बीते 28 फरवरी को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उन्होंने पार्टी हाईकमान द्वारा दिल्ली से भेजे गए ऑब्जर्वर के मनाने पर इस्तीफा प्रेस नहीं करने की बात कही थी। विक्रमादित्य सिंह ने खासकर अपने दिवंगत पिता और 6 बार के CM वीरभद्र सिंह की प्रतिमा रिज पर न लगने पर नाराजगी जाहिर की थी।