हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूल परिसरों में नॉन टीचिंग एक्टिविटी आयोजित करने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि सरकार को स्कूल परिसरों में घुसने की इस प्रवृत्ति को बंद करना चाहिए। गैर-शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए सरकार अपने मैदानों और अन्य संपत्तियों का इस्तेमाल करे। यह मामला सरकाघाट के पीएम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के मैदान में दीपावली के दौरान पटाखों के स्टॉल लगाने की अनुमति से जुड़ा है। नगर परिषद सरकाघाट ने स्कूल परिसर में पटाखों के स्टॉल लगाने के लिए प्रस्ताव पारित किया था। इस फैसले को लेकर हाईकोर्ट में आवेदन किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस जीएस संधावालिया और जस्टिस बीसी नेगी की बैंच ने इस पर कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने सवाल उठाया कि कोई संस्था दूसरे की संपत्ति पर अपने कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव कैसे पारित कर सकती है। स्कूल ग्राउंड के इस्तेमाल की प्रवृति बदले सरकार कोर्ट ने कहा कि सरकार के पास अपने कई मैदान हैं। इसके अलावा सरकार के पास नए मैदान विकसित करने की क्षमता भी है। ऐसे में गैर-शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए सरकारी स्कूल परिसरों का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। इस प्रवृत्ति को बंद किया जाना चाहिए। कोर्ट की टिप्पणी के बाद आवेदन ने आवेदन वापस लिया हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद आवेदक ने अपना आवेदन वापस ले लिया। इसके चलते कोर्ट ने आवेदन को खारिज कर दिया।