हिमाचल प्रदेश में बारिश व हल्के हिमपात के बाद ठंड में इजाफा हुआ है। राज्य में कुछ भागों में आज भी मौसम खराब रहने व बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में शुक्रवार को आंधी तूफान का यलो अलर्ट जारी कर रखा है। इस दौरान लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात हो सकता है। वहीं गुरुवार को मौसम में बदलाव के बाद ठंड में इजाफा हुआ है। इससे तापमान में भारी गिरावट आई है। कल्पा में अधिकतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जबकि सोलन में 8 डिग्री और शिमला में 6.5 डिग्री की कमी आई है। मौसम में आए बदलाव का असर पहाड़ी क्षेत्रों में साफ दिखने लगा है। तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई है। कल्पा में 8.5 डिग्री गिरा पारा बारिश और बर्फबारी के बाद प्रदेश के कई शहरों के अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कल्पा में अधिकतम तापमान 8.5 डिग्री गिरकर 11.6 डिग्री सेल्सियस रह गया। सोलन में 8 डिग्री की कमी के बाद तापमान 18 डिग्री, शिमला में 6.5 डिग्री गिरावट के बाद 17 डिग्री और कुफरी में 5.6 डिग्री की कमी के बाद अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई इस गिरावट से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तापमान में गिरावट का दौर जारी रह सकता है। 2 नवंबर तक बारिश-बर्फबारी के आसार मौसम विभाग के अनुसार 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। हालांकि, शनिवार से किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश की संभावना खत्म हो गई है, बल्कि इन दिनों के लिए चेतावनी का स्तर कम है। प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हिमपात होने से ठंड का असर और बढ़ सकता है, जबकि मध्य और निचले क्षेत्रों में मौसम के अनुसार तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। 3 नवंबर के बाद मिल सकती है राहत मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 नवंबर के बाद अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल बारिश-बर्फबारी और तापमान में गिरावट के कारण प्रदेश में सर्दी का असर बढ़ने लगा है।