हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से एक साल पहले कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस के पूर्व महासचिव रजनीश किमटा ने लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह को प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बता दिया है। चौपाल में आयोजित एक सांस्कृतिक समारोह के दौरान किमटा ने कहा कि हिमाचल का भविष्य लोगों के बीच मौजूद है और विक्रमादित्य सिंह अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। खास बात यह है कि किमटा ने यह बात किसी चुनावी रैली या पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रम में नहीं कही, बल्कि वह चौपाल में आयोजित प्रथम अंतरराज्यीय हिमाचल-उत्तराखंड ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता के समापन समारोह में बोल रहे थे। सांस्कृतिक आयोजन के मंच से आए इस बयान ने इसलिए भी ध्यान खींचा है, क्योंकि प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कांग्रेस के सामने सरकार की वापसी के साथ संगठन और नेतृत्व के बीच तालमेल बनाए रखने की चुनौती भी है। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री है। इसलिए अगले मुख्यमंत्री विक्रमादित्य सिंह को बनाने का बयान खूब बायरल हो रहा है और सोशल मीडिया में इसकी खूब चर्चाएं हो रही है। ‘हिमाचल का भविष्य आप लोगों के बीच है’ किमटा ने विक्रमादित्य सिंह की राजनीतिक पहुंच का जिक्र करते हुए कहा कि वह केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नेता नहीं हैं, बल्कि पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड सहित देश के अन्य हिस्सों में भी उनकी मांग रहती है। उन्होंने दावा किया कि सचिन पायलट के बाद विक्रमादित्य सिंह ऐसे नेताओं में दूसरे नंबर पर हैं, जिन्हें दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए बुलाया जाता है। किमटा ने कहा, “हिमाचल प्रदेश का भविष्य आप लोगों के बीच में है।” उन्होंने विक्रमादित्य सिंह के अगले मुख्यमंत्री बनने की बात कही, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि बाकी परमात्मा के हाथ में है। भाग्य सबके अपने हैं और कोशिश सभी करते हैं। किमटा के इस बयान में विक्रमादित्य की राजनीतिक क्षमता और भविष्य को लेकर उनका भरोसा साफ नजर आया। उन्होंने विक्रमादित्य को परिपक्व लीडर बताया। क्या नेतृत्व की चर्चा को मिला नया आधार? किमटा के बयान के राजनीतिक मायने इसलिए भी निकाले जा रहे हैं, क्योंकि हिमाचल में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार चल रही है और विक्रमादित्य सिंह अभी कैबिनेट मंत्री है। ऐसे में मौजूदा सीएम के रहते हुए विक्रमादित्य को सीधे अगला मुख्यमंत्री बताना स्वाभाविक रूप से राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। हिमाचल में अगले साल होने के विधानसभा चुनाव प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से संगठनात्मक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कांग्रेस नेतृत्व पार्टी संगठन को मजबूत करने और सरकार के कामकाज को चुनावी तैयारी से जोड़ने पर जोर दे रहा है। ऐसे समय में नेतृत्व को लेकर सार्वजनिक बयान पार्टी के भीतर अलग-अलग नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं पर बहस को हवा दे सकते हैं। हालांकि, किमटा के बयान से यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद के लिए विक्रमादित्य सिंह का नाम तय कर लिया है। मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होगा, इसका फैसला पार्टी हाईकमान और चुनाव के बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह बयान किमटा की ओर से विक्रमादित्य के समर्थन और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर जताए गए भरोसे के तौर पर देखा जा सकता है। विकास कार्यों का भी दिया ब्योरा कार्यक्रम के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने भी चौपाल क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का ब्योरा भी दिया। उन्होंने ठियोग-चौपाल सड़क को नेशनल हा़ईवे बनाने का भरोसा दिया और कहा कि क्षेत्र में लगभग 255 करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। इनमें लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से 17 सड़कों के कार्य शामिल हैं।

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