चीन के विरोध के बावजूद 5 अमेरिकी सांसदों ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात को तिब्बत के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन मजबूत करने और तिब्बती नेतृत्व के साथ संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में सांसद जेसन स्मिथ, डेविड श्वाइकर्ट, एलिस स्टेफनिक, लॉरा फ्रीडमैन और एंडी ओगल्स शामिल थे। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के प्रमुख सिक्योंग पेंपा छेरिंग भी इस दौरान मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल का धर्मशाला दौरा ऐसे समय हुआ है, जब तिब्बत के मुद्दे पर चीन और अमेरिका के बीच मतभेद बने हुए हैं। चीन लंबे समय से दलाई लामा और विदेशी प्रतिनिधियों के बीच होने वाली मुलाकातों का विरोध करता रहा है। इसके बावजूद अमेरिकी सांसद तिब्बती नेतृत्व के संपर्क में हैं। अमेरिकी कांग्रेस में तिब्बतियों के मानवाधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता और तिब्बत की स्थिति से जुड़े मुद्दे लगातार उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में इस मुलाकात को तिब्बत के प्रति अमेरिकी समर्थन के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। धर्मशाला पहुंचने से एक दिन पहले अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी। इस दौरान भारत-अमेरिका संबंधों के साथ व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा, तकनीक और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत दौरे के दौरान की मुलाकात भारत दौरे के दौरान विदेश मंत्री से बातचीत और दलाई लामा से मुलाकात ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया है। खासकर चीन के विरोध के बीच धर्मशाला में हुई इस मुलाकात को तिब्बत के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय संवाद के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सीटीए के प्रमुख सिक्योंग पेंपा छेरिंग से भी की मुलाकात अमेरिकी कांग्रेस का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला पहुंचा है। यहां प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के प्रमुख सिक्योंग पेंपा छेरिंग से मुलाकात की। इस दौरे को तिब्बत के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन और संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।प्रतिनिधिमंडल में अमेरिकी सांसद जेसन स्मिथ, डेविड श्वाइकर्ट, एलिस स्टेफनिक, लॉरा फ्रीडमैन और एंडी ओगल्स शामिल थे। धर्मशाला पहुंचने पर पेंपा छेरिंग ने सभी सांसदों का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किए।

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