हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण को लेकर कांग्रेस के भीतर गुटबाजी की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। उन्होंने वीरभद्र सिंह की जन्मस्थली सराहन में उनकी प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में अपनी गैरमौजूदगी को गुटबाजी से जोड़कर नहीं देखने की बात कही। हालांकि, मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की वजह स्पष्ट नहीं की। दरअसल, वीरभद्र की जन्मस्थली सराहन में बीते रविवार को उनकी प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुक्खू सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल नहीं होने के बाद पार्टी के भीतर खींचतान की चर्चाएं शुरू हो गईं। इसे वीरभद्र सिंह और मुख्यमंत्री सुक्खू के समर्थकों के बीच कथित राजनीतिक दूरी से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस में गुटबाजी होने की बात को खारिज किया। शिमला में सोनिया-प्रियंका समेत कांग्रेस के बड़े नेता हुए थे शामिल वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का इससे पहले शिमला में भी अनावरण किया गया था। उस कार्यक्रम में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी सहित पार्टी के कई प्रमुख नेता शामिल हुए थे। अब वीरभद्र सिंह की जन्मस्थली सराहन में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन वह इसमें शामिल नहीं हुए। सीएम की गैर मौजूदगी ने चर्चाओं को हवा दी मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी। हालांकि, सुक्खू ने इस घटनाक्रम को कांग्रेस की गुटबाजी से जोड़ने पर आपत्ति जताई। उन्होंने पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी होने से इनकार किया, लेकिन सराहन के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के कारणों पर विस्तार से कुछ नहीं कहा। पहले भी पोस्टर से वीरभद्र सिंह की तस्वीर गायब होने पर उठे थे सवाल कांग्रेस के भीतर वीरभद्र सिंह की लीगेसी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं इससे पहले भी सामने आ चुकी हैं। वीरभद्र सिंह की पत्नी और प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने रोहड़ू में एक पोस्टर से वीरभद्र सिंह की तस्वीर गायब होने को लेकर सवाल उठाए थे। इस घटनाक्रम के बाद भी पार्टी में पूर्व मुख्यमंत्री को सम्मान देने और उनके राजनीतिक योगदान को उचित स्थान देने को लेकर चर्चा हुई थी। वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश की राजनीति के प्रमुख नेताओं में रहे हैं। वह छह बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। प्रदेश में उनके समर्थकों का बड़ा आधार रहा है। ऐसे में उनकी प्रतिमा के अनावरण जैसे कार्यक्रमों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और गैरमौजूदगी को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। सुक्खू ने गुटबाजी की अटकलों को खारिज किया फिलहाल, मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांग्रेस में गुटबाजी की अटकलों को खारिज कर दिया है। हालांकि, सराहन में प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में उनकी गैरमौजूदगी और प्रतिभा सिंह की ओर से पहले उठाए गए सवालों के बीच पार्टी के भीतर आपसी समन्वय को लेकर चर्चाएं जारी हैं। कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गए 6 पूर्व MLA को नहीं लेगी पार्टी: CM इस दौरान सीएम सुक्खू ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए छह पूर्व विधायकों की कांग्रेस में वापसी के सवाल पर कहा कि पार्टी उन्हें वापस ही नहीं लेना चाहती, ऐसे में वो बात क्या करेंगे। मैं तो कहता हूं कि जिनका और इंट्रस्ट है, वह भी चले जाए।

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