हिमाचल में विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह गुट की एकजुटता से सुक्खू खेमे में खलबली मच गई है। जिन वीरभद्र सिंह के 10 दिन पहले सरकार और कांग्रेस पार्टी रोहड़ू व रामपुर में पोस्टर लगाना भूल गई थी, अब उन्हीं वीरभद्र की जन्मस्थली रामपुर में कांग्रेस उनके नाम पर एकजुट हुई है। हालांकि कोई नया नेता इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचा, लेकिन सीएम के कुछ करीबियों की मौजूदगी ने चर्चाओं के बाजार को गर्म कर दिया है। दरअसल, सराहन में बीते रविवार को 6 बार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम रखा गया। इस मौके पर डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली, पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह, पूर्व मंत्री रामलाल, पूर्व सीएस नीरज भारती इत्यादि पहुंचे। अब सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा वीरभद्र सिंह के विरोधी खेमे के माने जाने वाले शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और आरएस बाली को लेकर है। इन दोनों नेताओं को सीएम सुक्खू की करीबी माना जाता है। मगर इन दोनों की तीन-चार महीने से वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह के साथ नजदीकियां काफी बढ़ी है। इन दोनों नेताओं ने प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के दौरान मंच से वीरभद्र सिंह की खूब तारीफ भी की। सुक्खू पर बार बार वीरभद्र की अनदेखी के लगते रहे आरोप वहीं सीएम सुक्खू पर बार बार वीरभद्र सिंह की अनदेखी करने के आरोप लगते रहे हैं। सीएम सुक्खू के दो सप्ताह पहले रोहड़ू और रामपुर दौरे के दौरान भी यही सवाल उठे थे, क्योंकि तब सीएम के कार्यक्रम के दौरान वीरभद्र सिंह की कर्म व जन्मभूमि माने जाने वाले रोहड़ू-रामपुर में पोस्टर से उन्हें गायब रखा गया। प्रतिभा सिंह ने उठाए सवाल इस पर वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह ने भी सवाल उठाए और नाराजगी जताई। हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, रोहड़ू के विधायक एमएल ब्राक्टा, रामपुर के MLA नंदलाल ने पोस्टर से वीरभद्र सिंह को गायब करने की गलती मानी, लेकिन सीएम सुक्खू ने इस पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था। ऐसे में दो सप्ताह के अंतराल के भीतर वीरभद्र सिंह खेमे ने सराहन में शक्ति प्रदर्शन किया है। इससे पहले विक्रमादित्य सिंह भी अपने पिता वीरभद्र की अनदेखी के चलते मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि तब हाईकमान के हस्तक्षेप की वजह से उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया। आरएस बाली के हेलिकॉप्टर को लेकर भी चर्चाएं तेज सराहन के कार्यक्रम के बाद सबसे ज्यादा चर्चा आरएस बाली के हेलिकॉप्टर को लेकर हो रही है। चर्चा है कि सुक्खू खेमा अब यह पता लगाने के प्रयास में जुटा है कि आरएस बाली के लिए हेलिकॉप्टर किसने अरेंज किया? क्या यह हेलिकॉप्टर बाली ने खुद किया या विक्रमादित्य सिंह ने अरेंज किया? सियासी गलियारों में इसकी चर्चाएं बहुत ज्यादा हो रही है,क्योंकि आरएस बाली बीते कल हेलिकॉप्टर से सराहन पहुंचे थे। लॉस्ट ऑवर्ज में वीरभद्र खेमा सक्रिय: पठानिया हिमाचल के वरिष्ठ पत्रकार उदयवीर पठानिया ने कहा कि लास्ट ऑवर्ज में वीरभद्र खेम सक्रिय हुआ है। मगर कोई नया आदमी कार्यक्रम में नहीं पहुंचा। या तो वीरभद्र सिंह के अपने लोग थे या फिर सब ठुकराएं हुए नेता। एक अन्य वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि रोहित ठाकुर और विक्रमादित्य सिंह का एक मंच पर आने से कांग्रेस के भीतर नए समीकरण उभरेंगे, क्योंकि पूर्व सीएम रामलाल ठाकुर और वीरभद्र सिंह दोनों एक दूसरे के विरोध रहे हैं। अब दोनों पूर्व सीएम के बेटे व पोते के एकजुट होने से कांग्रेस में नया कैंप तैयार होगा। कांग्रेस की गुटबाजी जगजाहिर हो चुकी:बिंदल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू और कांग्रेस के नेता पिछले चार वर्षों से भाजपा में गुटबाजी होने का आरोप लगाकर जनता का ध्यान अपनी सरकार की विफलताओं से भटकाने का प्रयास करते रहे हैं, लेकिन अब कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और अंतर्विरोध पूरी तरह जगजाहिर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बिल्ली थैले से बाहर आ चुकी है और मुख्यमंत्री को भाजपा पर टिप्पणी करने के बजाय अपना घर संभालना चाहिए। डॉ. बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह प्रदेश के अनेक बार मुख्यमंत्री रहे और उनका राजनीतिक योगदान किसी एक परिवार अथवा गुट तक सीमित नहीं था।