हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रियों से टोल टैक्स वसूले जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। धर्मपुर से शोघी तक यात्रा करने वाले एक यात्री से एचआरटीसी बस के टिकट में 2 रुपए टोल टैक्स काटा गया। धर्मपुर से शोघी के बीच कोई टोल बैरियर नहीं है। मामला एचआरटीसी की शिमला लोकल डिपो की बस से जुड़ा है। यात्री अखिल कुमार के अनुसार, वह 3 अक्टूबर को किसी काम से धर्मपुर गए थे। काम पूरा होने के बाद उन्होंने धर्मपुर से शोघी आने के लिए एचआरटीसी बस (नंबर एचपी 63 डी 0326) में सफर किया। सफर के दौरान कंडक्टर ने धर्मपुर से शोघी तक का 130 रुपए का टिकट काटा। अखिल ने जब टिकट देखा तो उसमें अलग से 2 रुपए टोल टैक्स काटा गया था। इसके बाद उन्होंने कंडक्टर के समक्ष इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि धर्मपुर से शोघी तक के सफर में बस को किसी टोल बैरियर से होकर नहीं गुजरना पड़ता। ऐसे में टिकट में टोल शुल्क जोड़े जाने का आधार क्या है, यह स्पष्ट होना चाहिए। चंडीगढ़ से आने पर सनवारा में लगता है टोल
बता दें कि चंडीगढ़ से शिमला आते वक्त सनवारा में टोल प्लाजा है। यहां पर जरूर टोल लगता है, लेकिन धर्मपुर से शिमला के बीच कोई टोल प्लाजा नहीं होने के बावजूद सरकारी बस में टोल काटा जा रहा है। अखिल कुमार ने एचआरटीसी प्रबंधन से इस पर संज्ञान लेने और इस वसूली को रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यात्रियों से किराए के साथ किसी भी तरह का शुल्क लिया जाता है तो उसकी वजह स्पष्ट होनी चाहिए। यदि टोल शुल्क वास्तव में किसी निर्धारित नियम या किराया संरचना के तहत लिया जा रहा है तो निगम को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। HRTC का पक्ष आना बाकी
इस मामले में एचआरटीसी प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है। यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि टिकट में दर्ज 2 रुपए किसी वास्तविक टोल प्लाजा के शुल्क के रूप में लिए जा रहे हैं या निगम की किराया प्रणाली में किसी अन्य मद के तहत यह राशि जुड़ी हुई है।

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