शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र की लबाना-सदाना ग्राम पंचायत ने शादी-विवाह समारोहों में बढ़ती फिजूलखर्ची और दिखावे की संस्कृति पर रोक लगाने के लिए नई पहल की है। पंचायत प्रधान रवि सदानी ने सामाजिक आयोजनों को सादगीपूर्ण बनाने के उद्देश्य से कई तरह के अनावश्यक खर्चों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस संबंध में 2 अक्तूबर को आयोजित ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव के मुताबिक अब पंचायत क्षेत्र में होने वाले शादी-विवाह समारोहों में गेट पर स्वागत के नाम पर होने वाले दिखावे, टोपी पहनाने, मालाएं डालने, वस्त्र भेंट करने और महंगे उपहार देने जैसी परंपराओं पर रोक रहेगी। पंचायत ने इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया है। गरीब परिवारों पर पड़ता है असर पंचायत के अनुसार, शादी समारोहों में सामाजिक प्रतिष्ठा और दिखावे के चलते परिवारों पर अनावश्यक खर्च करने का दबाव बढ़ता है। इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों पर पड़ता है। कई परिवार सामाजिक परंपराओं को निभाने के लिए अपनी क्षमता से अधिक खर्च करने को मजबूर हो जाते हैं। विवाह समारोहों में सादगी को बढ़ावा देना मकसद पंचायत का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य लोगों पर आर्थिक बोझ कम करना और विवाह समारोहों में सादगी को बढ़ावा देना है। ग्राम पंचायत प्रधान रवि सदानी ने ग्रामीणों से फैसले को लागू करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से दिखावे की संस्कृति को कम किया जा सकता है और शादी समारोहों को सरल एवं कम खर्चीला बनाया जा सकता है।