धर्मशाला से सटे टंग इलाके में बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की है। आरोप है कि यहां 100 से ज्यादा प्लॉट काटकर बेचे गए, लेकिन कॉलोनी में जरूरी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गईं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) विभाग ने कॉलोनाइजर को नोटिस जारी कर प्लॉटिंग और निर्माण की मंजूरियों पर सफाई मांगी है। शिकायत है कि प्लॉट खरीदने वालों को सीवरेज, पार्क, स्ट्रीट लाइट और पक्की सड़क जैसी सुविधाएं नहीं मिली हैं। बिना जरूरी मंजूरियों के हुई रजिस्ट्रियों की जानकारी जुटाने के लिए राजस्व अधिकारियों को भी पत्र भेजा गया है। जमीन के मूल स्वरूप, विभाजन और खरीदारों के नाम हुई रजिस्ट्रियों की जांच की जाएगी। टंग मामले के बीच हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (एचपी रेरा) ने भी प्रदेश में छोटे भूखंडों में प्लॉटिंग और फ्लैट प्रोजेक्टों की जानकारी जुटानी शुरू की है। रेरा ने सभी निकायों से रिकॉर्ड मांगा रेरा ने सभी शहरी निकायों से 2017 से अब तक का रिकॉर्ड मांगा है। इस रिकॉर्ड के जरिए ऐसे प्रोजेक्टों की जानकारी जुटाई जाएगी, ताकि यह देखा जा सके कि संबंधित मामलों में रियल एस्टेट और अन्य लागू नियमों के तहत आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन हुआ है या नहीं।
प्रोजेक्टों का होगा निरीक्षण एचपी रेरा के अध्यक्ष आरडी धीमान के अनुसार जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रोजेक्टों का मौके पर निरीक्षण भी किया जाएगा। निरीक्षण और रिकॉर्ड की जांच के बाद ही किसी मामले में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि की जा सकेगी।
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी स्थिति
टंग में 100 से ज्यादा प्लॉट काटकर बेचने और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जुड़े आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं। टीसीपी का नोटिस, राजस्व रिकॉर्ड की जांच और रेरा की ओर से जुटाया जा रहा प्रदेशभर का रिकॉर्ड इस मामले में महत्वपूर्ण होगा। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तभी संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।