हिमाचल की बेटी पुष्पा राणा की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम एशियन गेम्स में आज गोल्ड मेडल के लिए ईरान से भिड़ेगी। भारत ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में नेपाल को 48-24 के बड़े अंतर से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। अब टीम के सामने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का गोल्ड जीतने की चुनौती है। इस मुकाबले में हिमाचल के लिए भी बड़ा गौरव का दिन है, क्योंकि भारतीय टीम की कप्तान पुष्पा राणा के अलावा भी हिमाचल की तीन अन्य बेटियां रितु नेगी, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर भी भारतीय टीम का हिस्सा हैं। यानी हिमाचल की चार बेटियां देश के लिए एशियन गेम्स का गोल्ड जीतने के अभियान में मैदान पर उतरेंगी। पुष्पा राणा ने फाइनल से पहले बातचीत में कहा कि सामने कोई भी टीम हो, भारतीय टीम का लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतना है। टीम फाइनल के लिए प्रतिद्वंद्वी के खेल के अनुसार रणनीति तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को कोच और परिवार का लगातार सहयोग मिला है। रितु का अनुभव, पुष्पा की कप्तानी इस बार भारतीय टीम में हिमाचल की कप्तान बदली है, लेकिन टीम में अनुभव की कमी नहीं है। रितु नेगी 2023 एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम की कप्तान थीं। उस टीम में पुष्पा राणा और ज्योति ठाकुर भी शामिल थीं। 2023 में भारत ने फाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। हिमाचल से उस टीम में पांच खिलाड़ी रितु नेगी, पुष्पा राणा, सुषमा शर्मा, ज्योति ठाकुर और निधि। शामिल थीं। इसके बाद 2025 के महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में भी हिमाचल की पांच खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की जीत में भूमिका निभाई थी। रितु नेगी कप्तान, पुष्पा राणा उपकप्तान, जबकि भावना ठाकुर, साक्षी शर्मा और चंपा ठाकुर टीम का हिस्सा थीं। भारत ने ढाका में चीनी ताइपे को हराकर वर्ल्ड कप खिताब जीता था। हिमाचल की बेटियों पर जिम्मेदारी अब 2026 एशियन गेम्स में जिम्मेदारी पुष्पा राणा के कंधों पर है। रितु नेगी का अनुभव उनके साथ है, जबकि ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर भी टीम को मजबूती दे रही हैं। भारत ग्रुप चरण में ईरान, जापान और बांग्लादेश को हराकर आगे बढ़ा और सेमीफाइनल में नेपाल को मात दी। अब फाइनल में ईरान के खिलाफ जीत के साथ भारतीय टीम लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण अपने नाम करने उतरेगी। हिमाचल की निगाहें पुष्पा पर फाइनल में हिमाचल की निगाहें विशेष रूप से कप्तान पुष्पा राणा पर रहेंगी। सिरमौर की पुष्पा पहले भी भारतीय टीम के साथ बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में खेल चुकी हैं। इस बार उन्हें टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में उनके सामने कप्तान के तौर पर देश को एशियन गेम्स का स्वर्ण दिलाने की बड़ी चुनौती है।

Spread the love