हिमाचल की राजधानी स्थित कमला नेहरू अस्पताल (KNH) से गायनी OPD को IGMC में शिफ्ट करने के फैसले के विरोध में मंगलवार को शिमला में महिलाओं का प्रदर्शन उग्र किया। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं छोटा शिमला सचिवालय के बाहर पहुंचीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। मगर महिलाएं बैरिकेड हटाकर सचिवालय के बाहर तक पहुंचीं और बीच सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। महिलाओं के प्रदर्शन के बाद सर्कुलर रोड पर यातायात भी बाधित हो गया। इससे सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों लोग परेशान हुआ। इससे पहले महिलाओं ने हिमलैंड से सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला। पांच-छह महीने से चल रहा विरोध
दरअसल, महिला समिति KNH से गायनी OPD शिफ्ट करने के विरोध में पांच-छह महीने से विरोध कर रही है। अस्पताल का स्टाफ भी इसका विरोध जता चुका है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि KNH में महिलाओं को एक ही छत्त के नीचे इलाज मिलता है। कांग्रेस सरकार यह सुविधा उनसे छीनने का प्रयास कर रही है। गर्भवती महिलाएं परेशान: फालमा
समिति राज्य महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि OPD शिफ्ट करने से गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं करीब छह महीने से इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही। ‘बना-बनाया अस्पताल उजाड़ रही सरकार’
फालमा चौहान ने कहा कि सरकार नया अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान बनाने के बजाय पहले से स्थापित अस्पताल की सुविधाओं को खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि करीब 100 साल पुराने KNH की अपनी ऐतिहासिक पहचान है। यहां महिलाओं को एक ही छत के नीचे इलाज की सुविधाएं मिलती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस जगह का इस्तेमाल अन्य उद्देश्यों के लिए करना चाहती है। IGMC में पहले से 3 हजार से ज्यादा की OPD
महिला समिति ने कहा कि IGMC पहले ही मरीजों के भारी दबाव में है। यहां रोजाना OPD में 3,000 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में KNH की गायनी OPD को IGMC में शिफ्ट करने से अस्पताल पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और मरीजों को इलाज के लिए अधिक भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन तेज
महिला समिति ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि KNH की गायनी OPD को वापस KNH में संचालित करने का फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति ने प्रदेश की महिलाओं और आम लोगों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन
फालमा चौहान ने कहा कि यह मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं की सुविधा और अस्पताल की जरूरत को ध्यान में रखते हुए गायनी OPD को KNH में ही संचालित रखना चाहिए।