हिमाचल प्रदेश मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन (एचपीएमआरए) ने रविवार को मंडी के साक्षरता भवन, सोली खड़ में एक शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम चार श्रम संहिताओं के जरिए श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हो रहे हमले के विरोध में था। जिसमें प्रदेशभर से एचपीएमआरए के करीब 65 सदस्य शामिल हुए। अखिल भारतीय संगठन एफएमआरएआई के राष्ट्रीय सचिव शेषनाथ तिवारी और उपाध्यक्ष शिव कुमार ने केंद्र सरकार की चार श्रम संहिताओं के संभावित बुरे प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने श्रम कानूनों में होने वाले बदलावों को लेकर संगठन की चिंताएं भी रखीं।
एकजुट होकर आंदोलन करने का आह्वान इस मौके पर सीआईटीयू के अखिल राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि ये चारों श्रम संहिताएं मजदूरों के अधिकारों पर हमला हैं। उन्होंने बताया कि देशभर के मजदूर संगठन इनके विरोध में एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर ने जानकारी दी कि सभी मजदूर संगठन और उनके सदस्य 1 और 2 दिसंबर 2026 को दिल्ली पहुंचेंगे। वे केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका मकसद सरकार पर इन श्रम संहिताओं को वापस लेने और पुराने श्रम कानूनों को फिर से लागू करने का दबाव बनाना है। उन्होंने कहा कि यह मजदूर वर्ग के पलटवार का समय है। संगठन ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ की रणनीति के तहत इन श्रम संहिताओं को लागू नहीं होने देने के लिए संघर्ष जारी रखेगा।एचपीएमआरए के महासचिव जगदीश ठाकुर ने कहा कि संगठन श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा।