किन्नौर की रूपी वैली में शोरंग हाइड्रो परियोजना के तनल से पानी रिसने की शिकायत मिली थी। इसके बाद शनिवार को अलग-अलग विभागों की एक संयुक्त टीम ने मौके पर जाकर जांच की। टीम ने पानी के बहाव और रिसाव के संभावित स्रोत का पता लगाने के लिए तीन अलग-अलग जगहों से पानी के नमूने लिए हैं। इन नमूनों की लैब जांच के बाद ही पानी की गुणवत्ता और प्रदूषण की वजह पता चल पाएगी। टीम ने 11 सितंबर को शोरंग हाइड्रो परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण किया था। इसका मकसद तनल से पानी लीकेज के स्रोत का पता लगाना और यह जानना था कि पानी किस दिशा में बह रहा है। जांच टीम में ग्राम पंचायत रूपी के प्रधान मंगला खोजन, ग्रीनको प्रोजेक्ट के एएसएम-एचआर अनिल सिंह ठाकुर, रूपी के वीआरओ रतन चंद, निचार के एई आशीष नेगी, एचपीपी भावानगर के राजन नेगी और माइक्रोबायोलॉजिस्ट आशीष नेगी शामिल थे। पानी के नमूने लिए गए जांच के दौरान एचआरटी विलेज बुरंग के पास, परियोजना के इंटेक प्वाइंट के पास और शोरंग गांव के निचले इलाके से पानी के नमूने लिए गए। टीम ने नमूनों को साफ और लेबल लगे कंटेनरों में तय प्रक्रिया के हिसाब से सुरक्षित रखा। जांच रिपोर्ट के बाद होगी स्थिति साफ संयुक्त टीम ने बताया कि नमूनों को आगे की जरूरी लैब जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि पानी में सीवरेज या किसी और तरह का प्रदूषण है या नहीं। इसी के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

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