बद्दी में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने वन विभाग के बीओ सतीश और नरेश नाम के एक व्यक्ति को 22 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा है। आरोप है कि खैर कटान की परमिशन की फाइल आगे बढ़ाने के लिए एक ठेकेदार से यह रिश्वत मांगी गई थी। यह कार्रवाई डीएसपी विजिलेंस अनिल मेहता के नेतृत्व में की गई। विजिलेंस को मिली शिकायत के अनुसार ठेकेदार खैर कटान की परमिशन के लिए सरकारी प्रक्रिया पूरी कर रहा था। इसी दौरान उससे रिश्वत मांगी गई। शिकायत में यह भी बताया गया कि बीओ सतीश ने रिश्वत की रकम खुद लेने के बजाय नरेश को देने के लिए कहा था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की बद्दी यूनिट ने मामले की जांच की और फिर जाल बिछाकर कार्रवाई की। डीएसपी अनिल मेहता की टीम ने तय योजना के मुताबिक मौके पर नजर रखी। शिकायतकर्ता ने जैसे ही रकम दी, टीम ने दोनों को पकड़ लिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी: आईजी मामले में रिश्वत की मांग, रकम के लेन-देन और परमिशन की फाइल से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आईजी विजिलेंस बीमल गुप्ता ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पट्टा में तैनात बीओ सतीश को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। 15 दिन में दूसरा मामला गौरतलब है कि दून विधानसभा यानी बद्दी उपमंडल में पिछले 15 दिनों के अंदर विजिलेंस द्वारा रिश्वत के मामले में पकड़ा गया यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक महिला पटवारी को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। वह अब सस्पेंड हो चुकी हैं और उनके मामले की भी जांच चल रही है।

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