कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर डयोड और हणोगी में दो टनल बनकर तैयार हो गई है। इन्हें आज से वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इससे चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली समेत पूरे देश से घूमने आने वाले टूरिस्ट को मनाली पहुंचना आसान होगा। इससे मनाली जाने वाले पर्यटकों को ट्रैफिक जाम और लैंडस्लाइड प्रभावित सड़क से बड़ी राहत मिलेगी। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मंडी व मनाली के बीच पंडोह-टकोली सेक्शन में 2.8 किलोमीटर लंबी डयोड टनल (T4-01) और 650 मीटर लंबी हणोगी टनल (T4-02) बनाई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने खुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए इस टनल की बहाली की जानकारी शेयर की है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार- सुरंगों से प्रभावित सड़क हिस्सा करीब 6 किलोमीटर से घटकर 3.5 किलोमीटर रह जाएगा और जोगनी माता मंदिर, डयोड व हणोगी में लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी। मनाली पहुंचने में एक घंटा कम लगेगा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दोनों सुरंगों में यातायात शुरू होने की जानकारी दी है। इन सुरंगों के शुरू होने से मंडी से कुल्लू का सफर करीब दो घंटे से घटकर लगभग एक घंटे रह गया है। NHAI ने इन टनल को विंटर टूरिस्ट सीजन और अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा से पहले तैयार किया है। जोगनी माता मंदिर, डयोड और हणोगी में ट्रैफिक जाम से मिलेगा छुटकारा बता दें कि पर्यटन सीजन में जोगनी माता मंदिर, डयोड और हणोगी के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगती थी। खासकर हणोगी में बार बार लैंडस्लाइड से हर वक्त हादसे का खतरा बना रहता था। लैंडस्लाइड के कारण हाईवे कई कई घंटे बाधित रहता था। इसी तरह पर्यटन सीजन के दौरान रोजाना एक से दो घंटे तक सैकड़ों वाहन ट्रैफिक में फंसते थे। इन राज्यों के टूरिस्ट इसी फोरलेन से मनाली पहुंच सकेंगे कीरतपुर-मनाली मार्ग हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सड़क मार्गों में शामिल है। इसी सड़क से देशभर के टूरिस्ट मनाली, अटल टनल, मणिकर्ण, रोहतांग, शिंकुला दर्रा, केलांग, लेह-लद्दाख इत्यादि पर्यटन स्थलों पर पहुंचते है। ऐसे में डयोड-हणोगी सुरंगों का शुरू होना पर्यटन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। 5.5 किलोमीटर लंबे लैंडस्लाइड एरिया से छुटकारा दोनों सुरंगों के शुरू होने से करीब 5.5 किलोमीटर लंबे लैंडस्लाइड एरिया में सफर से राहत मिलेगी। इससे संकरे और घुमावदार मार्ग पर वाहनों का दबाव कम होगा। 140 मीटर पुल से जुड़ी हैं दोनों सुरंगें डयोड की 2.8 किलोमीटर और हणोगी की 650 मीटर लंबी सुरंगों को खोतीनाला के पास करीब 140 मीटर लंबे व 45 मीटर ऊंचे पुल से जोड़ा गया है। सुरंगों में सीसीटीवी, वेंटिलेशन सिस्टम और आपातकालीन निकास जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं। यातायात शुरू करने से पहले NHAI की ओर से सुरक्षा जांच और ट्रायल रन भी किया गया। 7 सितंबर को किया गया था ट्रायल रन 7 सितंबर को NHAI के मेंबर प्रोजेक्ट्स विपनेश शर्मा ने हणोगी टनल का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने सुरंग की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर अधिकारियों को सुरक्षा मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए थे। 4465.94 करोड़ का है पंडोह-टकोली फोरलेन डयोड और हणोगी सुरंगें पंडोह बाईपास-टकोली फोरलेन सेक्शन का हिस्सा हैं। करीब 18.908 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन पर लगभग 4465.94 करोड़ रुपए की लागत से काम किया जा रहा है। परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत किया जा रहा है। कीरतपुर-मनाली फोरलेन के इस हिस्से के विकसित होने से मंडी से कुल्लू-मनाली तक सड़क संपर्क लगातार बेहतर हो रहा है। अब डयोड और हणोगी सुरंगों के शुरू होने से इस मार्ग पर आने वाले देशभर के पर्यटकों के लिए मनाली तक पहुंचना पहले के मुकाबले तेज और सुगम होने की उम्मीद है।

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