दिल्ली में सात लाख छात्र पढ़ने आते हैं और कॉलेजों में हॉस्टल की सीटें साढ़े ग्यारह हजार हैं। अब सवाल है कि बाकी छात्र कहां जाएं, कहां रहें, पढ़ाई कैसे करें? मैंने ब्रिटेन में छात्रों के लिए प्राइवेट अकॉमडेशन देखा है। वो वहां के Housing Act 2004 से govern होते हैं। 

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