हिमाचल प्रदेश में मणिमहेश यात्रा के दौरान दो दिनों में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हरियाणा के एक श्रद्धालु की मंगलवार को हार्ट अटैक से जान चली गई, जबकि पंजाब के दूसरे व्यक्ति ने आज (बुधवार) लंगर सेवा के दौरान दम तोड़ दिया। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हो पाएगा। गौरीकुंड में लंगर सेवा कर रहे सुच्चा सिंह (51 पठानकोट (पंजाब) के रहने वाले थे। गौरीकुंड में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ देर बाद उनकी जान चली गई। सुच्चा सिंह की मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। उनका शव गौरीकुंड से नीचे लाया जा रहा है। डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद बचाया नहीं जा सका वहीं मंगलवार को मणिमहेश यात्रा पर आए हरियाणा के अंबाला जिले के फतेहगढ़ निवासी मनमोहन (55) की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल मेडिकल सहायता दी गई, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। साथ आए लोगों के अनुसार, मनमोहन का पहले भी दिल का इलाज हो चुका था। उनके हृदय में स्टेंट डाला गया था। प्रथम दृष्टया उनकी मौत हार्ट अटैक से होना बताई जा रही है। भरमौर के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद आज शव परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मेडिकल चेकअप की अपील दो दिनों में दो मौतों के बाद प्रशासन ने मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और लंगर में सेवा करने वाले लोगों से स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। मेडिकल चेकअप करवाकर यात्रा पर आएं: SDM भरमौर के एडीएम विकास शर्मा ने श्रद्धालुओं से यात्रा शुरू करने से पहले मेडिकल चेकअप करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मणिमहेश का पैदल रास्ता कठिन और अधिक ऊंचाई वाला है। ऐसे में हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, सांस संबंधी परेशानी या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही यात्रा करनी चाहिए। प्रशासन ने यात्रियों से अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने और रास्ते में तबीयत खराब होने पर तुरंत मेडिकल सहायता लेने की अपील की है। उत्तर भारत से यात्रा पर पहुंच रहे श्रद्धालु बता दें कि हिमाचल के चंबा जिले के भरमौर में 25 अगस्त से 19 सितंबर तक भगवान भोले की पावन एवं पवित्र मणिमहेश यात्रा चल रही है। इस यात्रा पर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू के अलावा उत्तर भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

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