हिमाचल के हमीरपुर जिला के सुजानपुर स्कूल की प्रिंसिपल मंजरी महाजन को आज दिल्ली में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू नेशनल टीचर अवार्ड से सम्मानित करेंगी। मंजरी महाजन ने शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण व नवाचार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किए हैं। इसके आधार पर उनका चयन नेशनल टीचर अवार्ड को किया गया। वहीं स्टेट टीचर अवार्ड के लिए 26 शिक्षक चुने गए है। इन्हें शिमला स्थित लोकभवन में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता पुरुस्कृत करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी मौजूद रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के 21 शिक्षकों और उच्च शिक्षा विभाग के 5 टीचरों एवं प्रिंसिपल का चयन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया है। शिक्षा विभाग का दावा है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने और विद्यार्थियों की पढ़ाई में विशेष रुचि दिखाने वाले शिक्षकों का चयन किया गया है। वीरेंद्र चौहान के अवार्ड पर सवाल एजुकेशन डिपार्टमेंट का दावा है कि मापदंड पूरा करने वाले टीचरों का चयन ही अवार्ड के लिए किया गया है, लेकिन शिक्षा विभाग के दावों पर कुछ टीचरों ने सवाल उठाए है। खासकर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) शिमला के प्रिंसिपल वीरेंद्र चौहान के चयन पर सवाल उठाए गए है। गवर्नर को लिखे पत्र में दावा किया गया कि वीरेंद्र चौहान का नाम 29 अगस्त 2025 को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए शिक्षकों की लिस्ट में नहीं था। इसके बावजूद उनका नाम बाद में टीचर अवार्ड वाली लिस्ट में शामिल किया गया। 11 टीचरों द्वारा गवर्नर को लिखे पत्र में इसकी जांच की मांग की गई। चयन प्रक्रिया में अनियमित्ताएं बरतने के आरोप शिक्षकों ने राज्यपाल को भेजे पत्र में चयन प्रक्रिया में कथित अनियमित्ताओं, निर्धारित पात्रता और श्रेणीवार मानदंडों का समान रूप से पालन नहीं होने की बात कही है। उन्होंने पूरे चयन रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी आपत्ति किसी चयनित शिक्षक के खिलाफ नहीं है, बल्कि चयन प्रक्रिया, पात्रता और निर्धारित मानदंडों के समान रूप से लागू होने को लेकर है। स्पेशल और जनरल अवॉर्ड की श्रेणी बदलने पर भी आपत्ति प्रतिनिधित्व में जनरल अवार्ड और स्पेशल अ‌ार्ड के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाए जाने का आरोप लगाया गया है। शिक्षकों के अनुसार, स्पेशल अवॉर्ड के लिए आवेदन करने वाले कुछ अभ्यर्थियों को बाद में जनरल अवॉर्ड श्रेणी में शामिल किया गया। पत्र में ऐसे चार शिक्षकों के नाम दिए गए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर स्पेशल अवॉर्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन बाद में उन्हें जनरल अवॉर्ड श्रेणी में चयनित किया गया। इनमें सृष्टि शर्मा (JBT), किरण कुमार (DM), संजय कुमार नेगी (JBT) और लोकेन्द्र सिंह (CHT) शामिल हैं। दूसरे राज्य शिक्षक पुरस्कार पर भी सवाल टीचरों ने यह भी आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार पहले राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर चुके शिक्षक को दोबारा यह पुरस्कार देने की पात्रता नहीं है। इसके बावजूद JBT सृष्टि शर्मा को दूसरी बार राज्य शिक्षक पुरस्कार दिए जाने का दावा किया गया है। शिक्षकों ने इस मामले में संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि यदि ऐसा हुआ है तो पात्रता की शर्त किस आधार पर लागू की गई।

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