धर्मशाला में सरकारी जमीन के अवैध हस्तांतरण, फर्जी सरकारी रिकॉर्ड और आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रॉपर्टी डीलर नेक राम को गिरफ्तार किया गया है। स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने रक्कड़ निवासी नेक राम को पकड़ा है। धर्मशाला तहसील में उसके नाम दर्ज करीब 300 रजिस्ट्रियों की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। आरोपी को शनिवार को धर्मशाला की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। विजिलेंस ने रक्कड़ स्थित नेक राम के घर की तलाशी ली और जमीन-संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई है। परिवार के नाम पर करीब 400 कनाल जमीन, उसकी खरीद में लगी रकम और करोड़ों रुपए की लागत से बनी कोठी के खर्च के स्रोत की भी जांच की जा रही है। सरकारी जमीन को गलत तरीके से म्यूटेशन किया विजिलेंस की दो एफआईआर में आरोप है कि सरकारी जमीन को गलत तरीके से म्यूटेशन कर निजी व्यक्तियों के नाम किया गया। बाद में इसे बिक्री, गिफ्ट या अन्य दस्तावेजों के जरिए ट्रांसफर किया गया। एक एफआईआर में धर्मशाला के घनियारा, चकबन घनियारा और आसपास के इलाकों की जमीन का जिक्र है। जांच में सामने आया है कि कई रिकॉर्ड बदलकर सरकारी जमीन के मालिकाना हक या कब्जे संबंधी एंट्री बदली गई हैं। नेक राम की पत्नी किरण बाला के नाम खरीदी जमीन दूसरे मामले में रक्कड़-सिधवारी इलाके की जमीन का रिकॉर्ड जांचा गया। एफआईआर के मुताबिक, साल 2019 में सरकारी जमीन के एक हिस्से की म्यूटेशन और रजिस्ट्री साजिश के तहत कराई गई। बाद में वही जमीन नेक राम की पत्नी किरण बाला के नाम खरीदी गई। एक अन्य जमीन में उसकी मां मंगला देवी का नाम कब्जाधारी के तौर पर दर्ज होने का भी जिक्र है। खरीदी गई जमीन का रिकॉर्ड भी जांचा जांच में धर्मशाला और पालमपुर तहसील के अलग-अलग पटवार सर्किलों में साल 2011 से 2025 के बीच नेक राम, उसकी पत्नी और मां के नाम खरीदी गई जमीन का रिकॉर्ड भी जांचा गया है। एफआईआर में इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपए बताई गई है।