उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब हिमाचल तक पहुंच गया है। राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस के नेताओं ने आज शाम के वक्त शिमला के डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। सीएम सुक्खू ने कहा कि शुद्धिकरण करने वाली भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर करने के बजाय कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर FIR करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने भाजपा को दलित विरोध करार दिया। सीएम सुक्खू के अलावा डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस विधायक और पूर्व विधायक समेत पार्टी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल रहे। इस दौरान केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिमला के इस प्रदर्शन में कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हल्द्वानी में एक जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद भाजपा ने उस स्टेज का शुद्धिकरण किया। यह दलितों को अपमान है। राहुल गांधी पर दर्ज हुई FIR विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ तब लिया जब हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने शुद्धिकरण की घटना को जातिगत रंग देकर अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को आहत किया और सामाजिक वैमनस्य फैलाने की कोशिश की। मामले में एससी-एसटी एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की धाराएं लगाई गई हैं। कांग्रेस का आरोप है कि शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय इस घटना का विरोध करने वाले राहुल गांधी पर ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसी के विरोध में हिमाचल कांग्रेस ने आज शिमला में प्रदर्शन का फैसला लिया है। कांग्रेस का निशाना भाजपा पर हिमाचल कांग्रेस इस प्रदर्शन के जरिए भाजपा पर जातिगत भेदभाव की मानसिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर का विरोध करेगी। पार्टी का कहना है कि वह हल्द्वानी की घटना और उसके बाद राहुल गांधी पर हुई कानूनी कार्रवाई के खिलाफ राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएगी।