हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब उपमंडल में हरियाणा रोडवेज की बस में अवैध रूप से कछुआ ले जा रही एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बस के चालक और परिचालक की सूझबूझ के चलते महिला की यह संदिग्ध गतिविधि पकड़ी गई। पुलिस ने कछुए को कब्जे में लेकर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना 29 अगस्त को दिल्ली-बैजनाथ रूट पर चलने वाली हरियाणा रोडवेज की बस में हुई। जब बस अंब के पास एक ढाबे पर रुकी, तो उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (चकराना तिवारी) की रहने वाली यात्री गीता देवी पत्नी कन्हैया लाल द्विवेदी एक डिब्बे में रखे कछुए का पानी बदलने लगी। इसी दौरान बस के चालक सुधीर कुमार और परिचालक की नजर कछुए पर पड़ गई। पूछताछ करने पर जब महिला कछुए से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या अनुमति पेश नहीं कर सकी, तो चालक-परिचालक तुरंत महिला और कछुए को लेकर अंब थाने पहुंच गए। धार्मिक गुरु को सौंपने की थी तैयारी चालक सुधीर कुमार निवासी सोनीपत, हरियाणा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जब महिला से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने बताया कि वह इस कछुए को धर्मशाला में रहने वाले ‘मंगल पुरी महंत’ नामक एक धार्मिक गुरु को सौंपने के लिए ले जा रही थी। वन्यजीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज, वन विभाग को सौंपा कछुआ अंब पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी महिला गीता देवी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। वहीं, बरामद किए गए कछुए को वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है, जहां उसे पूरी तरह सुरक्षित और वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला इस कछुए को कहां से लेकर आई थी और इसे धर्मशाला के धार्मिक गुरु को देने का मुख्य उद्देश्य क्या था। पुलिस ने उस व्यक्ति (धार्मिक गुरु) से भी संपर्क साधा है जिसका नाम महिला ने लिया था, और जरूरत पड़ने पर उन्हें भी पूछताछ में शामिल किया जा सकता है।

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