कांगड़ा जिले में शाहपुर से योल तक एक नई सामरिक सड़क बनाने का प्रस्ताव है। यह सड़क युद्ध या आपात स्थिति में सेना के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इसका निर्माण सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा किया जाएगा। यह प्रस्तावित सामरिक सड़क पठानकोट-मंडी फोरलेन पर शाहपुर क्षेत्र के चंबी से शुरू होगी। यह चड़ी और धर्मशाला होते हुए योल छावनी तक पहुंचेगी। इससे योल और धर्मशाला छावनी क्षेत्रों को पठानकोट की ओर से एक सीधा और वैकल्पिक संपर्क मार्ग मिल सकेगा। संवेदनशील माने जाने वाले योल और धर्मशाला कैंट के लिए सड़क अहम रणनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले योल और धर्मशाला कैंट क्षेत्रों के लिए यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण होगी। युद्ध जैसी आपातकालीन स्थितियों में, यह सेना के लिए लॉजिस्टिक्स और आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारे के रूप में कार्य करेगी। सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना इस डिफेंस रोड की आवश्यकता इसलिए भी महसूस की जा रही है क्योंकि भविष्य में कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के साथ एयरपोर्ट के आसपास की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सेना के वाहनों और अन्य सामरिक आवाजाही के लिए एक अलग और सुरक्षित कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना रणनीतिक दृष्टि से आवश्यक है। सड़क की चौड़ाई लगभग 27 से 30 फुट रखी जाएगी जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई लगभग 27 से 30 फुट रखी जाएगी। हालांकि, सड़क के अंतिम एलाइनमेंट को लेकर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। एलाइनमेंट तय होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सड़क किन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और इसके निर्माण के लिए कितनी भूमि की आवश्यकता होगी। भूमि, मकानों और अन्य संपत्तियों को होगा कम नुकसान लोग राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना के लिए मजबूत कनेक्टिविटी की आवश्यकता को समझते हैं। हालांकि, प्रस्तावित सड़क के निर्माण से संभावित भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रभावों को लेकर उनकी नजरें अंतिम एलाइनमेंट पर टिकी हुई हैं।स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क का नक्शा इस तरह तैयार किया जाए कि सामरिक जरूरत पूरी होने के साथ निजी भूमि, मकानों और अन्य संपत्तियों को कम से कम नुकसान हो।