कांग्रेस बदली नहीं है, पर तुष्टीकरण की इस बात को कबूल नहीं करना चाहती। अमित शाह ने यही बात कह कर जले पर नमक छिड़क दिया, कांग्रेस की दुखती रग पर हाथ रख दिया। इसीलिए कांग्रेस इतनी बेचैन और इतनी परेशान है। 

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