हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ऊना पुलिस ने एक नशा तस्कर और उसकी पत्नी के नाम दर्ज 85.75 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई फरवरी में अंब पुलिस थाने में दर्ज एक मामले से जुड़ी है, जिसमें करीब 35 हजार ट्रामाडोल, अल्प्राजोलम और प्रेगाबालिन टैबलेट की बड़ी खेप बरामद की गई थी। पुलिस के अनुसार, यह ऊना जिले में नशे से जुड़े मामले में वित्तीय जांच (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) के आधार पर की गई पहली बड़ी कार्रवाई है। अंब पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद मुख्य आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपी अंब का स्थानीय निवासी है। संपत्तियों का पता लगाने के लिए शुरू की थी वित्तीय जांच गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नशे के कारोबार से अर्जित धन और उससे बनाई गई संपत्तियों का पता लगाने के लिए वित्तीय जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी और उसकी पत्नी के नाम अंब क्षेत्र में कई संपत्तियां और बैंक खाते हैं। पुलिस ने इन सभी संपत्तियों की कुल कीमत 85 लाख 75 हजार 12 रुपये आंकी। इसी आधार पर 20 अगस्त को अंब थाना प्रभारी की ओर से इन संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई। अवैध संपत्तियों की पहचान का प्रोसेस रहेगा जारी: एसपी पुलिस अधीक्षक (एसपी) ऊना सचिन हीरेमठ ने बताया कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नशे से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया भी आगे जारी रखी जाएगी। पुलिस का उद्देश्य नशा तस्करों के नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ-साथ उनके आर्थिक स्रोतों पर भी प्रहार करना है। आरोपी और उसकी पत्नी के नाम एक दो मंजिला रिहायशी मकान भी शामिल फ्रीज की गई संपत्तियों में आरोपी और उसकी पत्नी के नाम एक दो मंजिला रिहायशी मकान, आठ मरले जमीन, दो हल्के मोटर वाहन और एक गुड्स ट्रांसपोर्ट एलएमवी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एक बैंक खाता और नौ पोस्टल सेविंग खाते भी इस कार्रवाई के दायरे में लिए गए हैं। पुलिस की वित्तीय जांच में पुष्टि हुई है कि ये सभी संपत्तियां अंब क्षेत्र के स्थानीय अधिकार क्षेत्र में स्थित हैं।