हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश, बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से अब तक ₹1,033 करोड़ की संपत्ति को नुकसान पहुंच चुका है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (PWD) को हुआ है। प्रदेश में बारिश से PWD को करीब ₹750 करोड़ की क्षति का अनुमान है। मानसून के दौरान अब तक 205 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 121 लोगों की जान सड़क हादसों में गई। इसके अलावा बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से कई घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी प्रभावित हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक 85 घर पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं, जबकि 323 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 14 दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। आज और कल बारिश से राहत नहीं प्रदेश में अगले दो दिन भी मौसम पूरी तरह साफ रहने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने 20 और 21 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। बारिश के दौरान भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 22 अगस्त से कमजोर पड़ेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार 22 अगस्त से प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद 25 अगस्त तक किसी भी जिले के लिए मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।हालांकि, इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है। सामान्य से 7 फीसदी कम बारिश इस मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक सामान्य से 7 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 19 अगस्त के बीच हिमाचल में सामान्य तौर पर 535.4 मिलीमीटर बारिश होती है, जबकि इस बार इसी अवधि में 500.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यानी मानसून सीजन में बारिश सामान्य से कम रही, लेकिन भारी बारिश की घटनाओं के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जान-माल और सरकारी संपत्ति को बड़ा नुकसान हुआ है।