हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 183 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 103 लोगों की जान सड़क हादसों में गई, जबकि लैंडस्लाइड के कारण 14 लोगों की मौत हुई है। भारी बारिश के चलते राज्य में करीब 972 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। इस दौरान 82 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि 164 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। राज्य में अगले एक सप्ताह तक भी बारिश से राहत के आसार नहीं हैं। खासकर कल और परसों राज्य के ज्यादातर भागों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक आज बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जिला में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। आज रात से मौसम में बदलाव आने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। कल 10 जिलों में चेतावनी इसे देखते हुए 17 अगस्त को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में कुछेक स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला, लाहौल-स्पीति और सोलन जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। इन क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 18 अगस्त को 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट 18 अगस्त को ऊना, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि बिलासपुर, कुल्लू, शिमला, सोलन, सिरमौर और लाहौल-स्पीति जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। 19 अगस्त से बारिश की तीव्रता होगी कम मौसम विभाग के अनुसार 19 अगस्त से बारिश की तीव्रता कुछ कमजोर पड़ सकती है, लेकिन प्रदेश में बारिश का दौर पूरी तरह थमने के आसार नहीं हैं। 21 अगस्त तक अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों को नदी-नालों, खड्डों और अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने तथा भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करने की एडवाइजरी दी गई है। भारी बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने, जलभराव और लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है। सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। 1 जून से 14 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में सामान्य बारिश 497.2 मिलीमीटर होती है, जबकि इस अवधि में इस बार 446 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, बारिश कम होने के बावजूद प्रदेश में मानसून से जुड़ी घटनाओं में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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