भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की परियोजनाओं में हिमाचल सरकार के बकाए भुगतान को लेकर केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर अब पंजाब सरकार भी सहमत होती नजर आ रही है। केंद्र ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा कि पंजाब सरकार भी कैशलेस फॉर्मूले पर सहमति जताने वाली है। 30 जुलाई को हुई सुनवाई में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सरकार केंद्र के प्रस्ताव पर सहमत हैं, जबकि पंजाब सरकार ने आपत्ति जताई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि पंजाब सरकार को अदालत के फैसलों का पालन नहीं करने की आदत है। आज हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने यह जानने के लिए मामले को सूचीबद्ध किया है कि पंजाब सरकार केंद्र के प्रस्ताव पर सहमत है या नही। केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने पीठ से कहा कि मुझे यह जरूर कहना चाहिए कि आज हम एक सुर में बोल रहे हैं। पंजाब बहुत करीब आ रहा है। मुझे लगता है कि हम सभी मतभेदों को सुलझाने जा रहे हैं और पीठ से अगले सप्ताह सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। केंद्र सरकार ने कोर्ट में क्या-क्या कहा, जानिए… हिमाचल सरकार व सीएम सुक्खू का क्या दावा है, जानिए…