कांगड़ा स्थित मिशन हॉस्पिटल द्वारा संचालित ‘ग्रेस स्कूल ऑफ नर्सिंग’ में देर रात एक संदिग्ध और भीषण आगजनी की घटना सामने आई है। आग लगने से ठीक पहले संस्थान में एक जोरदार धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। इस घटना में कॉलेज का बेहद महत्वपूर्ण आधिकारिक रिकॉर्ड जलकर पूरी तरह खाक हो गया है, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। कॉलेज के प्रशासनिक विभाग के अधिकारी एमएस रियात ने बताया कि आधी रात के बाद अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए और तुरंत मौके पर जमा होने लगे। पास ही में रहने वाले सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पाल ने जब इमारत से धुआं और आग की ऊंची लपटें उठती देखीं, तो उन्होंने बिना समय गंवाए फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सिलेंडर ब्लास्ट और रिकॉर्ड रूम को निशाना बनाने की साजिश इस पूरी घटना को लेकर डॉ. पाल ने किसी गहरी और सोची-समझी साजिश की आशंका जताई है। घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ते हुए उन्होंने बताया कि आरोपी ने सबसे पहले हॉस्टल/स्कूल की रसोई से गैस सिलेंडर बाहर निकाला। इसके बाद, जिन-जिन कमरों में कॉलेज का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और दस्तावेज रखे हुए थे, उन सभी कमरों की अलमारियों को जबरन तोड़ा गया और रिकॉर्ड को आग के हवाले कर दिया गया। रसोई से निकाले गए गैस सिलेंडर में बाद में जोरदार धमाका हुआ, जिससे एक कमरा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। प्राथमिक जांच और हालातों को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आरोपी किसी विशेष रिकॉर्ड या दस्तावेज को नष्ट करने के मकसद से आया था, जिसके चलते उसने चुनिंदा कमरों को निशाना बनाया। इसके अलावा, घटनास्थल से लैपटॉप, सीसीटीवी का डीवीआर (DVR) और बायोमेट्रिक मशीन भी गायब पाए गए हैं, जो चोरी की ओर भी इशारा करते हैं। फॉरेंसिक टीम करेगी मामले की जांच इस संवेदनशील मामले पर जानकारी देते हुए डीएसपी कांगड़ा मनोज धीमान ने बताया कि पुलिस के जांच अधिकारी हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रहे हैं। वारदात की गंभीरता और साजिश की आशंका को देखते हुए साक्ष्य जुटाने के लिए विशेष फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।