हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से अलग-अलग मुलाकात की। प्रियंका गांधी के साथ उन्होंने प्रदेश के राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की, जबकि नितिन गडकरी से राज्य की विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क परियोजनाओं के लिए मंजूरी व वित्तीय सहायता का आग्रह किया। विक्रमादित्य सिंह ने प्रियंका गांधी से मुलाकात के दौरान हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न संगठनात्मक विषयों और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की। उन्होंने प्रियंका गांधी को प्रदेश के ताजा घटनाक्रमों और जनहित से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी। साथ ही उन्हें देवभूमि हिमाचल प्रदेश के दौरे के लिए आमंत्रित किया। बंजार-औट सड़क सुधार के लिए 25.11 करोड़ की सैद्धांतिक मंजूरी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात में विक्रमादित्य सिंह ने राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि गडकरी ने एनएच-305 के सैंज-लूरी-बंजार-औट मार्ग पर बंजार से औट तक सड़क सुधार और तारकोल बिछाने के लिए 25.11 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। जलोड़ी सुरंग की मंजूरी प्रक्रिया तेज करने का आग्रह PWD मंत्री ने 1,775 करोड़ रुपए की प्रस्तावित जलोड़ी सुरंग परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय मंत्री ने मंत्रालय के अधिकारियों को मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। नगरोटा बगवां-रानीताल सड़क के लिए भी रखी मांग विक्रमादित्य सिंह ने एनएच-303 के नगरोटा बगवां-रानीताल मार्ग के लिए 395 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इस पर भी केंद्रीय मंत्री ने सैद्धांतिक सहमति जताई। CRIF की परियोजनाओं के लिए जताया आभार PWD मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (CRIF) के तहत 239.45 करोड़ रुपये की दो सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने पर केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। इससे टिक्कर-जारोल-गहन-नानखड़ी-खमाड़ी मार्ग और छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-कुमारहट्टी सड़क को अपग्रेड किया जाएगा। सेतु बंधन और CRIF का वार्षिक आवंटन बढ़ाने की मांग विक्रमादित्य सिंह ने ‘सेतु बंधन’ योजना के तहत पुलों के निर्माण के लिए 3.46 करोड़ रुपए जारी करने का अनुरोध किया। साथ ही CRIF और सेतु बंधन के तहत अधिक परियोजनाओं को मंजूरी देने और CRIF के वार्षिक आवंटन को बढ़ाकर 200 करोड़ रुपए करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य में सड़कें ही परिवहन का मुख्य आधार हैं, इसलिए सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के लिए केंद्र से अधिक सहयोग की आवश्यकता है।

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