भारत-तिब्बत-चीन सीमा व्यापार के तहत चीन अधिकृत तिब्बत गए 16 भारतीय व्यापारियों का पहला दल 72 घंटे बाद वापस लौट आया है। ये व्यापारी शिपकिला बॉर्डर के रास्ते भारत पहुंचे हैं। एक अगस्त से शुरू हुए इस व्यापार के तहत व्यापारी अपने साथ चीन से 20 वस्तुएं आयात कर लाए हैं। शिपकिला बॉर्डर पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने कड़ी निगरानी में व्यापारियों को प्रवेश दिया। चीन से आयात किए गए सामान को खच्चरों से उतारकर बारीकी से जांचा गया। इसके बाद, सामान को छोटी गाड़ियों में ITBP की निगरानी में छुप्पन ट्रेडमार्ट सेंटर लाया गया, जहां केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और कस्टम विभाग इसकी गहन जांच कर रहे हैं। आयात की गई 20 वस्तुओं में मुख्य रूप से जैकेट, जूते, थर्मस, कंबल, घड़ियां और क्रॉकरी का सामान शामिल है। भारत की ओर से 36 वस्तुओं का निर्यात किया जाता है, जबकि चीन अधिकृत तिब्बत से 20 वस्तुओं का आयात होता है। व्यापार में और सुधार की आवश्यकता नामज्ञा पंचायत के पूर्व प्रधान बलदेव सिंह नेगी, जो स्वयं कई बार चीन में व्यापार के लिए जा चुके हैं, ने इस व्यापार में और सुधार की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी के समक्ष उठाएंगे। सूचीबद्ध वस्तुओं की संख्या बढ़ाई जाए साथ ही, केंद्र सरकार से भी मांग करेंगे कि आयात और निर्यात के लिए सूचीबद्ध वस्तुओं की संख्या बढ़ाई जाए ताकि व्यापार में और तेजी आ सके। नेगी ने बताया कि वे स्वयं लगभग 1980 से भारत-तिब्बत-चीन सीमा व्यापार करते आ रहे हैं और तब से अब तक इसमें काफी बदलाव आया है।