संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में ‘समरसता संकल्प कलश यात्रा’ 2 अगस्त को ऊना जिले के संतोषगढ़ से हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करेगी। भाजपा के प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने यह जानकारी दी। डॉ. सिकंदर कुमार ने बताया कि यह अभियान 29 जुलाई, 2026 से 20 फरवरी, 2027 तक देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य संत गुरु रविदास जी के समरसता, समानता, सेवा, सद्भाव और सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। यह कलश यात्रा संत गुरु रविदास जी की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) से 29 जुलाई को शुरू हुई थी। हिमाचल में इसका पहला स्वागत ऊना के संतोषगढ़ स्थित गुरु रविदास मंदिर में किया जाएगा। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, विधायक सतपाल सिंह सत्ती, बलबीर सिंह बग्गा, सुमित शर्मा और डॉ. सिकंदर कुमार सहित भाजपा के कई जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। हिमाचल प्रदेश में यह यात्रा लगभग 9 दिनों तक 11 संगठनात्मक जिलों से होकर गुजरेगी, जिसमें करीब 800 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा। यात्रा का समापन 9 अगस्त को हमीरपुर जिले के कांगू स्थित गुरु रविदास मंदिर में कलश स्थापना और एक विशेष कार्यक्रम के साथ होगा। यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है सामाजिक समरसता का प्रतीक है यात्रा डॉ. सिकंदर कुमार ने इस यात्रा को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को मजबूत करने वाला जनअभियान बताया। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होकर संत गुरु रविदास जी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।