भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ऊना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग विषय पर छह माह का सर्टिफिकेशन प्रोग्राम शुरू हो गया है। यह कार्यक्रम एआईसीटीई क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम फॉर पोस्टग्रेजुएट फैकल्टी (AICTE QIP-PG) के तहत आयोजित किया जा रहा है, जो दिसंबर माह तक चलेगा। यह हाइब्रिड कार्यक्रम विशेष रूप से गैर-कंप्यूटर साइंस पृष्ठभूमि के संकाय सदस्यों को एआई और मशीन लर्निंग का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। देशभर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से कुल 41 संकाय सदस्य इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में ऑनलाइन शिक्षण के साथ-साथ संस्थान में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शामिल है। पाठ्यक्रम में डेटा स्ट्रक्चर्स एवं एल्गोरिदम, डेटा साइंस, एआई, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं। प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में हैंड्स-ऑन सत्रों और प्रायोगिक परियोजनाओं के माध्यम से वास्तविक इंजीनियरिंग समस्याओं के समाधान के लिए एआई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज प्रत्येक क्षेत्र की एक आधारभूत तकनीक : प्रो. मनीष भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज प्रत्येक क्षेत्र की एक आधारभूत तकनीक बन चुकी है। उन्होंने शिक्षकों के लिए अपने ज्ञान और कौशल को समय-समय पर उन्नत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का समन्वयन एसोसिएट डीन (शैक्षणिक) डॉ. अंकुर कुमार कर रहे हैं। संस्थान ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग के अध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय सिंह और स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष डॉ. नमन गर्ग के योगदान की सराहना की। संस्थान का मानना है कि ऐसी पहल देश में एआई आधारित गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और संकाय क्षमता निर्माण को नई दिशा प्रदान करेंगी।