अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने छात्र संघ चुनावों की बहाली, फीस वृद्धि वापस लेने और सरदार पटेल विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों पर आज से पूरे हिमाचल प्रदेश में आंदोलन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मंडी में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए एबीवीपी के विभाग संयोजक मंजुल शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद लंबे समय से छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार छात्रों की लोकतांत्रिक मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। मंजुल शर्मा ने जोर दिया कि छात्र संघ चुनाव केवल चुनाव नहीं, बल्कि छात्र नेतृत्व तैयार करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।मंजुल शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। विश्वविद्यालय का दायरा घटा रही सरकार एबीवीपी नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय का दायरा लगातार घटाया जा रहा है और इसे कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे विद्यार्थी परिषद किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। एबीवीपी ने मांग की है कि विश्वविद्यालय को मजबूत किया जाए और इसके अधिकारों में किसी प्रकार की कटौती न की जाए। फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग एबीवीपी ने प्रदेश सरकार से हाल ही में की गई फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की भी मांग की है। परिषद का कहना है कि बढ़ी हुई फीस का सीधा असर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों पर पड़ रहा है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने छात्र हितों से जुड़े इन मुद्दों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्र संघ चुनावों की बहाली, फीस वृद्धि की वापसी और सरदार पटेल विश्वविद्यालय के हितों की रक्षा होने तक उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा।