मंडी से BJP सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के सोशल मीडिया पोस्ट पर घमासान छिड़ गया है। नई पीढ़ी की महिलाओं को गटर जेनरेशन और गटर छाप कहने पर कंगना मीडिया और सोशल मीडिया पर बुरी तरह घिर गई हैं। इसके बाद कंगना ने भी एक अंग्रेजी न्यूज चैनल की महिला एंकर और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास पर पलटवार किया। कंगना ने न्यूज एंकर को लिखा- आप जैसी महिलाएं फेमिनिस्ट (नारीवाद) शब्द को खोखला और अर्थहीन बना देती हैं। अंग्रेजी बोलने से कोई बुद्धिमान नहीं बन जाता। आपके तर्क और सोच मुझे पाखंडी और सतही लगते हैं। कंगना आगे लिखती हैं- मुझ पर परोक्ष हमला करने के बाद अब खुद को पीड़ित की तरह दिखाना बंद कीजिए। मैं महिलाओं का सम्मान करता हूं, लेकिन उन महिलाओं का नहीं जो युवा और भोले-भाले बच्चों को गुमराह करती हैं। कंगना ने सौरव दास को भी खरी-खोटी सुनाई कंगना ने CJP प्रवक्ता सौरव दास को भी खरी-खोटी सुनाई। कंगना ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- 28 वर्ष की उम्र में भी सौरव खुद को स्टूडेंट कैसे बताते हैं? मैं दो साल से राजनीति और 20 साल से पब्लिक लाइफ में हूं। सौरव की उम्र में मेरे पास दो-दो नेशनल अवार्ड थे, लेकिन उनके जैसा बेकार बेरोजगार यह नहीं समझेगा। कंगना ने सौरव को निठल्ला तक कह डाला और नसीहत दी कि सौरव को कोई स्किल सीखनी चाहिए। दरअसल, सौरव दास ने इससे पहले कहा था कि युवाओं को लेकर कंगना की टिप्पणियां अशोभनीय हैं। सौरव ने कहा कि वह उनकी बातों को सीरियसली नहीं लेते, भाजपा भी कंगना की बातों को नहीं सुनती। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? Gen Z आंदोलन पर दिए बयान पर घिरीं कंगना पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने छात्रों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन खत्म होने के बाद कंगना ने आंदोलन और उसमें शामिल Gen-Z की भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाए। कंगना ने लिखा- मैंने अपनी जिंदगी में कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। Gen-Z के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो देखकर मुझे घिन आती है। इन युवाओं की परवरिश कैसे हो रही है? नई पीढ़ी की महिलाओं पर क्या कहा? कंगना ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर नई पीढ़ी की भारतीय महिलाओं पर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि कुछ युवा महिलाएं स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की केवल नकल करती हैं, लेकिन स्वतंत्रता के साथ आने वाली जिम्मेदारियां नहीं निभाना चाहतीं। कंगना ने लिखा- वास्तविक स्वतंत्र महिलाएं अपने फैसलों की जिम्मेदारी खुद उठाती हैं। जबकि, पश्चिमी सोच से प्रभावित कुछ महिलाएं नशा, शराब और कई पुरुषों के साथ यौन संबंधों को स्वतंत्रता मानती हैं। गटर जेनरेशन और गटर छाप जैसे शब्द इस्तेमाल किए इसी पोस्ट में उन्होंने गटर जेनरेशन और गटर छाप जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी लिखा कि ऐसी महिलाएं समाज को कुछ देने की स्थिति में नहीं हैं और अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं। यही टिप्पणी सबसे अधिक विवाद का कारण बनी। गटर छाप शब्द पर क्यों हुआ विरोध? कंगना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। सोशल मीडिया पर कंगना बुरी तरह घिर गईं। देश में कई जगह कंगना के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। मंडी में भी कंगना के विरोध में कांग्रेस ने आक्रोश रैली निकाली। हिमाचल कांग्रेस ने भी कंगना के बयान की निंदा करते हुए कंगना के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।