हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल के स्वागत पर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जम्वाल ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता के स्वागत के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों को लाइन में खड़ा कर देना दुर्भाग्यपूर्ण है। राकेश जम्वाल ने कहा कि बोर्ड कर्मचारियों को उनका मूल काम नहीं करने दिया जा रहा। यही वजह है कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के करीब 2 महीने बाद भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स को उनकी मूल डीएमसी और मार्कशीट नहीं मिल सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बोर्ड प्रशासन को कांग्रेस नेताओं के स्वागत-सत्कार में व्यस्त कर रखा है। शैक्षणिक संस्थाओं को भी राजनीतिक गतिविधियों का अखाड़ा बना दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि शिक्षा बोर्ड का दायित्व राजनीतिक मेहमानों का स्वागत करना नहीं बल्कि स्टूडेंट्स के भविष्य से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करना। कॉलेज में दाखिला ले चुके छात्रों को नहीं मिल रही मार्कशीट: जम्वाल जम्वाल ने कहा कि बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स कॉलेजों की काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, जहां उनसे मूल डीएमसी और मार्कशीट मांगी जा रही है। दस्तावेज उपलब्ध न होने के कारण विद्यार्थी और अभिभावक स्कूलों और बोर्ड कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। मार्कशीट छपाई में खामी को सार्वजनिक किया जाए: BJP भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि डीएमसी की छपाई या आपूर्ति में कोई तकनीकी अथवा प्रशासनिक समस्या है तो बोर्ड प्रशासन को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि विद्यार्थियों को उनके मूल दस्तावेज कब तक उपलब्ध कराए जाएंगे। 2 दिन पहले धर्मशाला आईं थीं पाटिल बता दें कि कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल दो दिन पहले धर्मशाला पहुंची। इस दौरान कांग्रेस ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। बीजेपी का आरोप है कि रजनी पाटिल के स्वागत के लिए बोर्ड कर्मचारियों को खड़ा किया गया।