देशभर में परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक मामलों और जंतर मंतर में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को कांग्रेस पार्टी और ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (AILU) ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किया। दोनों संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और छात्रों के साथ न्याय की मांग उठाई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर, सदर कांग्रेस मंडी ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर के नेतृत्व में कोटली में धरना-प्रदर्शन और रैली निकाली। इसके बाद, उपमंडलाधिकारी (नागरिक) कोटली के माध्यम से राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने, जंतर-मंतर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। यह जानकारी जिला कांग्रेस के प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने दी। वहीं, ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन की सरकाघाट इकाई ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर उपमंडलाधिकारी सरकाघाट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। संगठन ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाने तथा जंतर-मंतर में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराने की मांग की। AILU ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों और उनके परिवारों का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हुआ है। NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा मिले संगठन ने यह भी मांग की कि पेपर लीक से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण जान गंवाने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में प्रभावी सुधार लागू किए जाएं।दोनों संगठनों ने जोर दिया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।