RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी केवल आदेश नहीं मानती, बल्कि हर बात का तर्क चाहती है। उन्होंने युवाओं के साथ संवाद, अपनापन और सही उदाहरण पेश करने पर जोर दिया। भागवत ने कहा कि आज डिक्टेशन नहीं, डिस्कशन की जरूरत है और परिवारों को युवाओं के साथ ज्यादा समय बिताना चाहिए।