कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने के बाद प्रदेश सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को शिमला से शाहपुर विधायक केवल सिंह पठानिया से फोन पर बात कर नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया और कहा कि सरकार इस संकट की घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। जानकारी के अनुसार, बादल फटने से 19 परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन्हें तत्काल 25-25 हजार रुपए की राहत राशि और दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री की किट दी गई है। इसके अतिरिक्त, आंशिक रूप से प्रभावित 17 परिवारों को 10-10 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई है। आवश्यक सेवाओं की बहाली के दिए निर्देश मुख्यमंत्री ने सड़कों, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे जल्द ही प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री ने आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इस बीच, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया शिकागो में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का दौरा बीच में छोड़कर बोह घाटी पहुंचे। वे आठ किलोमीटर पैदल चलकर सपेड़ा और घुड़घुं गांवों में ग्राउंड जीरो पर गए। पठानिया ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और अधिकारियों को मकानों, कृषि भूमि, पशुधन तथा बागवानी को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। देखिए फोटो… केवल सिंह पठानिया ने लिया राहत शिविरों का जायजा पठानिया ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बोह में स्थापित राहत शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रहे परिवारों के भोजन, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने राहत कार्यों के लिए 25 लाख रुपए उपलब्ध कराए हैं। अगले 24 घंटे के भीतर जरूरतमंद परिवारों को कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने के लिए भारतीय सेना के 40 जवान भी प्रभावित क्षेत्र में पहुंच चुके हैं और जिला प्रशासन के साथ मिलकर अभियान चला रहे हैं।