हिमाचल प्रदेश के विशिष्ट और पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि प्रदेश सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट थ्री प्रोडक्ट’ (ODTP) कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों से कुल 36 विशेष उत्पादों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इन चयनित उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए अक्टूबर 2026 में एक भव्य प्रदर्शनी और ‘रिवर्स बायर-सेलर मीट’ का आयोजन किया जाएगा। इससे सभी उत्पादकों को जहां बाजार में पहुंच बनाने मदद मिलेगी वहीं उनके लिए निवेशक भी मिलेंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य: सरकार उत्पादकों को मार्केट बढ़ाने में देगी मदद स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण (Processing), मूल्य संवर्धन (Value Addition) और विपणन (Marketing) को बढ़ावा देने के लिए सरकार आगामी औद्योगिक नीति में विशेष प्रावधान करने जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ओडीटीपी (ODTP) से जुड़े उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे सरकार से मिलने वाली छूट भूमि आवंटन पर विशेष रियायत। स्टाम्प शुल्क (Stamp Duty) में छूट। सस्ती दरों पर बिजली की उपलब्धता। एसजीएसटी (SGST) प्रतिपूर्ति (Reimbursement)। इन उद्योगों को प्राथमिकता क्षेत्र (Priority Sector) का दर्जा। किस जिले से कौन सा प्रमुख उत्पाद चयनित (नोट: इसी तरह अन्य सभी जिलों के 3-3 प्रमुख उत्पादों को इस सूची में विशेष स्थान दिया गया है।) ई-कॉमर्स और ब्रांडिंग से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जोर देकर कहा कि आधुनिक दौर की मांग को देखते हुए इन उत्पादों की ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट आदि) पर विपणन को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल हिमाचल की समृद्ध संस्कृति और कला को दुनिया के सामने लाएगी, बल्कि स्थानीय उद्यमियों, युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित करेगी, जिससे हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।