20 दिन की भूख हड़ताल के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल ने बताया कि लंबे उपवास और डिहाइड्रेशन से वे कमजोर हैं, लेकिन हालत स्थिर है। वांगचुक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।