हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत सेब खरीद के लंबित भुगतान के लिए 45 करोड़ रुपए जारी करने की घोषणा की। यह राशि वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 में खरीदे गए सेबों के बकाया भुगतान के लिए है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 30 बैग तक सेब बेचने वाले बागवानों को भुगतान पहले ही डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजा जा चुका है। 100 बैग या उससे अधिक सेब बेचने वाले उत्पादकों के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। HMIS की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ इसी बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने हॉर्टिकल्चर मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (HMIS) की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य सेब खरीद से लेकर प्रसंस्करण और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करना है, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता में वृद्धि होगी। इस नई प्रणाली के तहत, बागवान अब आधार, भूमि और बैंक खाते की जानकारी देकर पोर्टल पर पंजीकरण कर सकेंगे। वे अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन स्लॉट भी बुक कर पाएंगे। खरीद और भुगतान से संबंधित सभी जानकारी उन्हें एसएमएस के माध्यम से उनके मोबाइल पर प्राप्त होगी। खरीद शुरू होने से पहले तैनात किए जाएं कर्मचारी : सीएम मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद सीजन शुरू होने से पहले सभी संग्रहण केंद्रों पर पर्याप्त कर्मचारी तैनात किए जाएं ताकि बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। बागवानों को बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली भी लागू की गई है।