हिमाचल के मंडी जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देऊरी के नए भवन में छात्रों को अब तक शिफ्ट नहीं किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने सरकार को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि जब स्कूल का नया भवन पूरी तरह तैयार है, तो छात्रों को वहां स्थानांतरित क्यों नहीं किया गया। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि बच्चों को आधुनिक सुविधाओं वाले नए भवन के बजाय पुराने स्थान पर पढ़ाई करने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। आपदा में गिर गया था गया था पुराना भवन बता दें कि देऊरी स्कूल का पुराना भवन वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा में बह गया था। इसके बाद सरकार ने नया भवन बनवाया, लेकिन भवन तैयार होने के बावजूद अभी तक छात्रों को वहां नहीं भेजा गया है। हालांकि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर 5 जुलाई को स्कूल भवन के उद्घाटन को मंडी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने उद्घाटन पट्टिा भी लगा दी थी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेशों पर शिक्षा मंत्री को भवन का उद्घाटन करने से रोका गया और उद्घाटन पट्टिका को आन-फानन में हटा दिया गया। अब इस मसले पर सियासत भी गरमा गई है। स्थानीय व्यक्ति ने जनहित याचिका दायर की इस मामले में एक स्थानीय व्यक्ति ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की आज इस यक्ष का पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सभी संबंधित पक्षों को नोटिस याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंकुश दास सूद, अधिवक्ता नंदलाल ठाकुर और उदयनंद शर्मा ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए सरकार से एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।

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