हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंडी नगर निगम की नवनिर्वाचित मेयर सुमन ठाकुर और डिप्टी मेयर को अब तक पद एवं गोपनीयता की शपथ नहीं दिलाए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति ज्योत्स्ना रीवाल दुआ की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान डिप्टी कमिश्नर को अगली सुनवाई तक कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह आदेश ‘सुमन बनाम राज्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य’ (CWP संख्या 11587/2026) मामले की सुनवाई के दौरान पारित किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता नंद लाल ठाकुर ने अदालत को बताया कि सुमन ठाकुर 29 जून, 2026 को विधिवत मेयर निर्वाचित हुई थीं, लेकिन उन्हें अब तक शपथ नहीं दिलाई गई है। इससे वे अपना कार्यभार संभालने और मेयर के संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने से वंचित हैं। सुनवाई के दौरान राज्य चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरिंदर कुमार शर्मा और अधिवक्ता नीरज शर्मा, जबकि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता वाई.पी.एस. धौल्टा अदालत में उपस्थित हुए और नोटिस स्वीकार किया। हाईकोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को 21 जुलाई 2026 तक जवाब और आवश्यक निर्देश दाखिल करने के आदेश दिए हैं। 17 मई को संपन्न हुए थे निगम चुनाव गौरतलब है कि मंडी नगर निगम के चुनाव 17 मई को संपन्न हुए थे, जिसके बाद सभी पार्षद शपथ ले चुके हैं। हालांकि, मेयर और डिप्टी मेयर को अब तक शपथ नहीं दिलाई गई है। इसके चलते नगर निगम का नियमित कामकाज प्रभावित होने की बात कही जा रही है। मंडी नगर निगम में भाजपा के 12 पार्षद निर्वाचित उल्लेखनीय है कि 14 वार्डों वाले मंडी नगर निगम में भाजपा के 12 पार्षद निर्वाचित हुए हैं, जबकि कांग्रेस और एक निर्दलीय प्रत्याशी ने एक-एक सीट जीती है। शपथ में देरी को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।